चंबा। जिले मेें सोमवार को भी मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहा। इससे जिले के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालत यह है कि अब लोगों को दैनिक उपयोग की वस्तुओं के लिए भी जदोजहद करनी पड़ रही है। सोमवार को सभी प्रमुख मार्ग बाधित होने से जिले में अंड्डे, ब्रेड और अखबार जैसी वस्तुएं भी नहीं पहुंच पाई। जिले में मूसलाधार बारिश के चलते भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग के कई जगहों पर बाधित होना इसका मुख्य कारण रहा। इसके अलावा जिले में सोमवार को 150 के करीब मार्ग बाधित रहे। मार्गों के बंद होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों को गंतव्यों की तरफ पैदल सफर करना पड़ा।
वहीं, बंद पड़े मार्गों को यातायात के लिए बहाल करने के लिए एनएच प्रबंधन के तहत चंबा मंडल की विभागीय मशीनरी और लेबर सहित लोनिवि की मशीनरी और लेबर जुटी हुई है। बहरहाल, दोपहर बाद तक आधे से अधिक मार्गों को यातायात के लिए सुचारू कर दिया गया है। गौरतलब हो कि भारी बारिश के चलते सोमवार को जिला चंबा देश-दुनिया से कटा रहा। जिला मुख्यालय सहित आसपास के परिक्षेत्रों की सड़कें जगह-जगह पर होने वाले भूस्खलन, सड़कों के डंगे गिरने से बाधित रही। बारिश से लोनिवि के चंबा मंडल के तहत आते चंबा-तीसा मार्ग राठधार के पास, चंबा-साहो मार्ग, लुडेरा-सुंगल,कलोता, जांघी-लिल्ह, रजेरा-गुड्डा-बौगा, मरेड़ी-सिल्लाघ्राट, चंबी-जोत, संधी-माणी-झुलाड़ा, सिढ-सरोल, चंबा-खज्जियार मार्ग सहित 25 मार्गों पर भारी भूस्खलन से यातायात बाधित रहा। लोनिवि चंबा मंडल के अधिशासी अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि चंबा मंडल के तहत आते 25 मार्गों पर यातायात व्यवस्था ठप थे। सोमवार दोपहर बाद तक 70 प्रतिशत मार्गों को यातायात के लिए सुचारु करवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि चंबा-तीसा मार्ग पर राठघार बंद पड़ी है, जिसे सुचारु करने का कार्य भी प्रगति पर है।
ड्रेन में बहने से सात माह की बच्ची की मौत
सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी की पिछला डियूर पंचायत के गुलेल गांव में सात माह की बच्ची की ड्रेन में बहने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब मां सात महीने की बच्ची को लेकर पड़ोस में जा रही थी। इसी दौरान उसका पांव फिसल गया और बच्ची उसकी गोद से गिरकर ड्रेन में पानी के तेज बहाव में बह गई। आधा किलोमीटर दूर बच्ची का शव बरामद किया गया है। इस हादसे से परिवार को रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार भांतो देवी पत्नी बुधिया राम गांव गुलेल सात माह की बच्ची को गोद में उठाकर पड़ोसी के घर जा रही थी। इसी दौरान उसका पांव फिसला और वह रास्ते में गिर पड़ी। इससे उसकी गोद से सात माह की बच्ची गिरकर ड्रेन में बह गई। महिला जोर-जोर से चिल्लाने लगी। उसकी चीख सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे। लोगों ने ड्रेन के रास्ते बच्ची को ढूंढना शुरू किया। करीब आधा किमी दूर जाकर बच्ची का शव ड्रेन में मिला। इससे पहले कि परिजन उसे अस्पताल पहुंचाते। बहुत देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम सलूणी और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को सहायता राशि के रूप में पांच हजार की धनराशि दी है। जबकि की बाकी राशि औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दी जाएगी। गांव में सात माह की बच्ची के मौत के बाद मातम का माहौल है। एसडीएम सलूणी विजय धीमान ने बताया कि ड्रेन में बहने से सात माह की बच्ची की मौत हो गई हुई। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को राहत राशि दी गई है।
होली में परिवार हुए बेघर, भागकर बचाई जान
होली (चंबा)। कबायली क्षेत्र होली की कुठेड़ पंचायत के पटोला गांव में चार मकान रावी के तेज बहाव में बह गए। रविवार रात को रावी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। गनीमत रही कि लोगों ने समय रहते घर खाली कर दिए। इसके बाद उन्होंने दूसरों लोगों के घरों में शरण ली। देर रात रावी नदी में और उफान आया और इसमें चारों घर नदी के तेज बहाव में बह गए। अगर परिवार समय रहते घरों को खाली नहीं करते तो जानमाल का भारी नुकसान हो सकता था। इसके साथ होली मुख्यालय में सड़क का बड़ा हिस्सा रावी में समा गया। इसकी वजह से आधा दर्जन घरों को खतरा पैदा हो गया। इन घरों को भूस्खलन की जद से आने से बचाने के लिए प्रशासन को समय रहते कदम उठाने की आवश्यकता है। वहीं चंबा-होली मार्ग का पचास मीटर भाग त्यारी पुल के पास जमींदोज हो गया। इसकी वजह से लंबे समय तक होली की तरफ वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। इसकी वजह से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। प्रभावित परिवारों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। जिन परिवारों के घर बहे हैं। उन्होंने प्रशासन से सहायता राशि जारी की मांग की है। ताकि वह दोबारा से आशियाना बना सके। वहीं प्रशासन की ओर से नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
बनीखेत और भटालवां में फंसी बसें, यात्री हुए परेशान
प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
अमर उजाला ब्यूरो
(बनीखेत) चंबा। बनीखेत से चंबा की ओर आ रही एचआरटीसी की बस देर रात भूस्खलन होने फंस गई। इस वजह से बस में बैठे 29 यात्री यहां फंस गए। इसके प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। बस में महिलाओं समेत बच्चे भी शामिल थे। जबकि चंबा जोत मार्ग पर भटालवां के पास एचआरटीसी की एक बस भूस्खलन की वजह से फंस गई। बस में उस समय करीब 24 यात्री सवार थे। प्रशासन ने मामले की सूचना मिलने पर लोगों को रेस्क्यू किया और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।