चुवाड़ी (चंबा)। गोसदन निर्माण का पैसा न मिलने को लेकर चुवाड़ी में विवाद की परिस्थिति पैदा हो गई है। शनिदेव सेवा कमेटी चुवाड़ी और प्रशासन के बीच में गोसदन निर्माण को लेकर जंग छिड़ गई है। कमेटी का कहना है कि प्रशासन और विधायक के कहने पर उन्होंने चुवाड़ी में गोसदन का निर्माण करवाया। मगर प्रशासन कमेटी को खर्च की राशि का भुगतान नहीं कर रहा है।
इसके चलते कमेटी ने गोसदन को बंद करने का निर्णय लिया है। ऐसा होने से गोसदन में रखी 30 से 40 गायें दोबारा सड़क पर आ जाएंगी। कमेटी ने गोसदन निर्माण पर साढ़े चार लाख रुपये खर्च किए हैं। निर्माण से पहले विधायक और प्रशासन ने कमेटी को आश्वासन दिया था कि गोसदन निर्माण के बाद खर्च की जाने वाली राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। मगर अभी अधिकारी और विधायक राशि का भुगतान करने में आनाकानी कर रहे हैं।
शनि देव गोसदन कमेटी के प्रधान लाल सिंह, सचिव श्याम सिंह धीमान, अमी चंद, ज्ञान चंद और केवल कुमार ने बताया कि स्थानीय विधायक विक्रम सिंह जरयाल, उपमंडलाधिकारी बचन सिंह, खंड विकास अधिकारी डॉ. बशीर खान के मौखिक आदेशानुसार शनिदेव गोसेवा सदन चुवाड़ी ने दो माह पहले गोसदन का निर्माण किया गया था। गोसदन के निर्माण के लिए कमेटी ने साहूकारों से पैसे उधार लिए।
वह मगर रोजाना उनसे पैसे मांग रहे हैं। कमेटी पैसे लेने के लिए प्रशासन और विधायक के पास जाती है तो उन्हें टालमटोल कर भगा दिया जाता है। इसकी वजह से कमेटी के सदस्यों को जिल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते कमेटी ने फैसला लिया है कि प्रशासन दो दिनों के भीतर गोसदन निर्माण पर खर्च हुई राशि का भुगतान नहीं करता है तो सदन को बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद गायों की देखभाल की जिम्मेवारी प्रशासन की होगी।
गोसदन मामले से नहीं है कोई लेना देना : विक्रम सिंह जरयाल
विधायक विक्रम सिंह जरयाल ने बताया कि इस मामले से उनका कोई लेना देना नहीं है। कमेटी जानबूझ कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रही है। जबकि उन्होंने प्रशासन को नियमानुसार हस्तक्षेप करने को कहा था।
एफसीए क्लीयरेंस मिलने पर कर दिया जाएगा राशि का भुगतान : बीडीओ
खंड विकास अधिकारी अरविंद गुलेरिया का कहना है कि जहां पर गोसदन का निर्माण किया गया है। वहां एफसीए की क्लीयरेंस का पेच फंसा है। मंजूरी मिलने पर निर्माण राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।