तेलका (चंबा)। आजादी के आठ दशक बीत जाने के बाद भी विकास खंड सलूणी की ग्राम पंचायत भजोत्रा के कई गांव सड़क सुविधा को तरस रहे हैं। सड़क सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों को मरीजों को पालकी पर उठाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। इस कारण कई गंभीर बीमार अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। भजोत्रा पंचायत के द्रोड़, रणहोटी, जलेली, मटवाड़, भोता, सिरोटी, चटेला, भिड़, पोठा, चीण, डडवाल और मचरोट सहित अन्य गांवों में सड़क सुविधा से महरूम है।
स्थानीय निवासी सुरेश कुमार, सुदेश कुमार, कर्म चंद, चमारु राम, कालू राम, अनिल कुमार, मुनीष कुमार, शिव कुमार, आशो राम, बेंसु राम, जग्गू राम, केसो राम और ज्ञान चंद का कहना है कि गांवों में सड़क सुविधा न होने के कारण उन्हें दो घंटे पैदल सफर करके सड़क तक पहुंचना पड़ता है। उन्होंने कई बार विभाग से उक्त गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग की। मगर अभी तक समस्या का समाधान होता नहीं दिख रहा है। हर बार उन्हें मात्र आश्वासन ही मिलते हैं।
लोगों ने सरकार और लोनिवि से मांग की है की भजोत्रा पंचायत उक्त सभी गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाए। लोनिवि के अधिशाषी अभियंता अरुण पठानिया ने बताया कि उपरोक्त गांव के लोग सड़क निर्माण के लिए निजी भूमि विभाग के नाम करते हैं, तो उसके बाद ही सड़क निर्माण के लिए आगामी कार्रवाई शुरू की जा सकती है।