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सत्यास स्कूल में साठ बच्चे एक कमरे में पढ़ाई करने को मजबूर

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student shimla - फोटो : demo pics
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अमर उजाला ब्यूरो

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तीसा (चंबा)। भले ही प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में नौनिहालों को बेहतर शिक्षा मुहैया करवाने के दावे करती हो। मगर चुराह उपमंडल में राजकीय माध्यमिक पाठशाला सत्यास में साठ बच्चे एक ही कमरे में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं।

इस वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने कई बार विभाग से आग्रह किया है मगर आज तक स्कूल में अतिरिक्त कमरों का निर्माण नहीं किया गया है। इससे अभिभावकों में काफी रोष है।
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जानकारी के अनुसार स्कूल को वर्ष 2014 में स्तरोन्नत किया गया था। प्रदेश सरकार ने स्कूल को प्राइमरी से मिडल स्कूल का दर्जा दिया था। सरकार ने दर्जा तो बढ़ा दिया। मगर अतिरिक्त कमरों की व्यवस्था करना भूल गई।

इस वजह से यहां सभी कक्षाओं के बच्चों को एक कमरे में ही पढ़ाई करनी पड़ती है। अभिभावक रोशनदीन, विमला देवी, जान मोहम्मद, राकेश कुमार, पुष्पा देवी, कमला देवी, उत्तम चंद, करनैल सिंह, सतपाल सिंह, उमेश दत्त, भीम सैन, राज कुमार, दीवान चंद, कल्याण सिंह, मदनलाल, नेक राम और देसराज ने बताया कि स्कूल में साठ नौनिहाल शिक्षा ग्रहण करने पहुंच रहे हैं।

मगर स्कूल में कमरों की कमी खल रही है। कई बार आग्रह करने के बावजूद अभी तक स्कूल के लिए अतिरिक्त कमरों का निर्माण नहीं हो पाया है। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूल में जल्द से जल्द अतिरिक्त कमरों का निर्माण किया जाए।
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ताकि नौनिहालों को पढ़ाई के दौरान परेशानी ना उठानी पड़े। बैरागढ़ स्कूूल के प्रधानाचार्य अनूप शर्मा का कहना है कि इस बारे में विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने कहा कि बजट की व्यवस्था होते ही अतिरिक्त कमरों का निर्माण करवा दिया जाएगा।

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