चंबा। जिला में रिकॉर्डतोड़ बर्फबारी के बाद हालात अभी तक सामान्य नहीं हो पाए है। जिले के अभी भी करीब 70 मार्गों पर वाहनों की आवाजाही ठप है तो वहीं एक हजार ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। जिला मुख्यालय, डलहौजी व सलूणी मुख्यालय को छोड़ दिया जाए तो भरमौर, पांगी, तीसा व मैहला ब्लॉक के तहत आती करीब दो दर्जन पंचायतों में अंधेरा पसरा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अंधेरे और ठंड में ठिठुरते हुए ही समय व्यतीत करना पड़ रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला में बीते दिनों पांगी में 91.44 सेंटीमीटर, भरमौर में 91.44 सेंटीमीटर, तीसा क्षेत्र में 48.76 सेंटीमीटर, डलहौजी क्षेत्र में 30.48 सेंटीमीटर, सलूणी क्षेत्र में 25.4 सेंटीमीटर और चंबा-जोत मार्ग पर 109.72 सेंटीमीटर बर्फ गिरी है। हालांकि पिछले चार दिनों से लगातार धूप निकल रही है। लेकिन अभी तक जिला में हालात सामान्य नहीं हो पाए है। गौरतलब है कि भारी बर्फबारी के कारण तीसा उपमंडल में करीब पांच सौ पेड़ गिरने से जहां आवाजाही अवरुद्ध हुई है तो वहीं दूसरी तरफ बिजली की तारों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं सलूणी क्षेत्र में भी ऐसी ही स्थिति है। यहां भी बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कुल मिलाकर जिला में चार दिनों के बाद व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है।
उपायुक्त चंबा हरिकेश मीणा ने बताया कि 70 मार्ग अभी तक बहाल नहीं हुए हैं। इन मार्गों पर मशीनरी जुटी है। बिजली आपूर्ति भी जल्द बहाल करने में कर्मचारी जुटे हैं। ट्रांसफार्मरों को दुरुस्त किया जा रहा है।