अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा नगर परिषद ने सदन में दो बार प्रस्ताव पारित करने के बावजूद हाउस टैक्स के लिए अभी तक सर्वे नहीं करवाया है। इसका खामियाजा शहर के लोगों को चुकाना पड़ रहा है। जबकि चुवाड़ी और डलहौजी नगर परिषद में हाउस टैक्स को लेकर सर्वे हो चुका है। सर्वे के बाद शहरवासियों को नए सिरे से हाउस टैक्स भी जारी किया जा चुका है। मगर अभी तक चंबा नगर परिषद में ऐसा नहीं हो पाया है। इसको लेकर हाउस की बैठक में दो बार प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है। इसके बाद भी सर्वे शुरू नहीं हो पाना लोगों को रास नहीं आ रहा है। इसकी वजह से चंबा नप के अधीन आने वाले मकान मालिकों से गलत तरीके से हाउस टैक्स लिया जा रहा है। इसका शहरवासी काफी समय से विरोध कर रहे हैं। लोग अपने वार्ड पार्षदों से हाउस टैक्स को लेकर शिकायतें भी कर चुके हैं। शहर में तीन मंजिला मकान और एक मंजिला मकान वाले परिवारों को एक समान हाउस टैक्स लगाया गया है। इतना ही नहीं कुछ परिवार ऐसे भी हैं, इसमें परिवार के दो सदस्य के नाम पर हाउस टैक्स जारी किया जा रहा है। हाउस टैक्स को लेकर शहरवासियों ने कई सवाल उठाए हैं। इसका विरोध करते हुए शहरवासियों ने हाउस टैैक्स को भरने से इंकार कर दिया था। पार्षदों ने हाउस की बैठक में टैक्स को लेकर दोबारा सर्वे करवाने की मांग की। इसके बाद इसको लेकर बाकायदा प्रस्ताव भी पास किया गया। बावजूद इसके सर्वे को लेकर नगर परिषद ने कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई है।
राजकुमार, चैन लाल, जय सिंह, योगराज, टेक चंद, मान सिंह, देसराज, सुनील कुमार, अजय, अमर सिंह, चंद राम और राकेश कुमार ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि हाउस टैक्स को लेकर किसी कंपनी से सर्वे करवाया जाए। ताकि शहर में घरों की वास्तु स्थिति के हिसाब से हाउस टैक्स लगाया जा सके।
आचार संहिता हटने के बाद होगा हाउस टैक्स का सर्वे
नप अध्यक्ष नीलम नैयर ने बताया कि हाउस टैक्स को लेकर आचार संहिता हटने के बाद सर्वे करवाया जाएगा। पहले जिन लोगों को गलत हाउस टैक्स लगाया गया है। उसे दुरुस्त किया जाएगा। शहरवासियों से सर्वे के मुताबिक हाउस टैक्स लिया जाएगा।