अमर उजाला ब्यूरो
तीसा(चंबा)। सिविल अस्पताल तीसा में करीब 17 घंटों तक विद्युत आपूर्ति ठप रही। इस वजह से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं इलाज करने में डॉक्टरों को दिक्कतें आई। तीमारदारों ने बताया कि शनिवार को शाम छह बजे अस्पताल में अचानक बिजली गुल हो गई। हैरानी इस बात की रही कि बिजली पूरी रात नहीं आई। बताया जा रहा है कि ट्रांसफार्मर में खराबी के कारण यह दिक्कत पेश आई थी। मगर अस्पताल में इसका विकल्प न होने के कारण किसी भी मरीज पर यह भारी पड़ सकता था। इससे अस्पताल प्रबंधन में मरीजों की सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालत यह है कि अस्पताल में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए जेनरेटर तक की उपलब्धता नहीं है।
गौरतलब है कि चुराह उपमंडल के लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए सिविल अस्पताल का प्रावधान किया गया है। मगर पर्याप्त सुविधाएं न होने के कारण अक्सर मरीजों और उनके तीमारदारों को समस्याओं से दो चार होना पड़ता है। तीमारदार में राकेश कुमार, देसराज, उत्तम चंद, पृथ्वी सिंह, उमेद्य सिंह, कल्याण सिंह और देवेंद्र कुमार ने बताया कि सिविल अस्पताल तीसा में हर समय मरीज उपचार के लिए आते हैं। मगर शनिवार को बिजली गुल होने के चलते मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ी। वहीं तैनात स्टाफ को भी उपचार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तीमारदारों ने अस्पताल प्रबंधन से आग्रह किया है कि बिजली गुल होने की स्थिति में अस्पताल में जेनरेटर की व्यवस्था की जाए। ताकि मरीजों और चिकित्सकों को किसी प्रकार की दिक्कत न पेश आए।
इनसेट
ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी पेश आने से गुल हुई थी बिजली : रोशन लाल
विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता रोशन लाल ने बताया कि ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी होने के चलते बिजली गुल हुई थी। उन्होंने कहा कि सुबह के समय टीम ने बिजली आपूर्ति दुरुस्त कर दी है।
इनसेट
बीएमओ तीसा डॉ. जसवंत ने बताया कि बिजली गुल होने के चलते चिकित्सकों को दिक्कतें पेश आई हैं। उन्होंने कहा कि जेनरेटर की उपलब्धता करवाने के लिए प्रयास किए जाएंगें।