चंबा। चुराह वन मंडल में अवैध रूप से देवदार के पेड़ों को काटने वाले ठेकेदार को वन विभाग ने 17 लाख की पेनल्टी लगाई है। साथ ही जंगल में उसके लॉट को भी सील कर दिया गया है। इसके अलावा काटी गई सभी इमारती लकड़ी को वन विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है। वन निगम को आदेेश दिए गए हैं कि जब तक इस मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक संबंधित ठेकेदार को किसी प्रकार के बिल का भुगतान न किया जाए।
कुछ समय पहले चुराह वन मंडल के शक्ति जंगल में ठेकेदार को 14 सूखे हुए देवदार के पेड़ काटने का लॉट जारी हुआ था लेकिन ठेकेदार ने 14 पेड़ों के साथ हरे-भरे 11 अन्य देवदार के पेड़ों को भी काट दिया। इसकी भनक लगते ही वन विभाग ने इसकी जांच शुरू कर दी। वनमंडल अधिकारी चुराह की अगुवाई में वन कर्मचारियों की टीम ने शक्ति जंगल में जारी लॉट स्थल का पूरा मुआयना किया। इसमें जंगल में पूरी बारीकी के साथ पेड़ों की जांच की गई। जांच में अब तक 11 देवदार के पेड़ अवैैध रूप से कटे हुए मिले हैं। इसको लेकर विभाग ने 17 लाख की डैमेज रिपोर्ट तैयार की है।
चुराह सहित जिले के अन्य जंगलों में भी सूखे पेड़ों को काटने के लिए निगम को लॉट जारी हुए हैं। वन विभाग आगामी दिनों में अन्य जंगलों में भी जांच करवा सकता है। फिलहाल शक्ति जंगल में लॉट की आड़ में किए गए अवैध कटान की शिकायत स्थानीय निवासी ने विभाग के पास की थी। इसके चलते विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की है। हालांकि गूंगयास जंगल में भी अवैध रूप से पेड़ काटे गए हैं लेकिन इसमें ठेकेदार के बजाय विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही पाई गई है। इसके चलते विभाग ने संबंधित बीट अफसर और वन रक्षक को सस्पेंड किया है।
वनमंडल अधिकारी चुराह सुशील गुलेरिया ने बताया कि लॉट की आड़ में शक्ति जंगल में देवदार के 11 पेड़ों को अवैध रूप से काटने वाले ठेकेदार के खिलाफ 17 लाख की डैमेज रिपोर्ट बनाई गई है। साथ ही निगम को उसकी पेमेंट रोकने के आदेश दिए गए हैं। जंगल में लॉट के तहत काटी ठेकेदार की सारी इमारती लकड़ी को जब्त कर लिया गया है।