अमर उजाला ब्यूरो
तीसा (चंबा)। भंजराडू़ पंचायत के धार गांव में एक महीने से पेयजल सप्लाई बाधित होने से गांव हाहाकार मचा है। हालत यह है कि लोगों को तीन किलोमीटर पैदल चलकर अलवास गांव से पीने का पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। गांव में रहने वाले 35 परिवार एक महीने से पेयजल किल्लत से जूझने को मजबूर हैं। ग्रामीण कई बार विभाग को गांव में चल रही पानी की समस्या के बारे में अवगत करवा चुके हैं। मगर अभी तक गांव में पानी की समस्या का कोई समाधान नहीं है। ग्रामीण राजेश कुमार, मनोज कुमार, तेज सिंह, प्रताप चंद, अशोक कुमार, ध्यान सिंह, रूपलाल, देसराज, कमल कुमार और मान सिंह ने बताया कि धार गांव में पानी की किल्लत का कभी स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। लोगों ने बताया कि कुछ दिनों तक पेयजल सप्लाई नियमित रहती है। इसके बाद सप्लाई बाधित हो जाती है। हालांकि गांव के लिए जो पेयजल लाइन बिछाई गई है। मगर पाइपें कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इन्हें रिपेयर करवाने में विभाग कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। जबकि क्षतिग्रस्त हो चुकी पाइपों के स्थान पर नई पाइपें डालने के लिए लोग कई बार विभाग से मांग कर चुके हैं। यहा लोगों को हर बार मात्र आश्वासन ही मिला। मगर आज तक पाइपें बदली नहीं गई हैं। इसकी वजह से गांव में अकसर पानी की समस्या रहती है। गांव में पानी पहुंचने से पहले ही क्षतिग्रस्त पाइपों के रास्ते व्यर्थ बह जाता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि गांव में चल रही पेयजल समस्या को जल्द से हल किया जाए।
बारिश न होने से हो रही पानी की किल्लत
कनिष्ठ अभियंता दीपक भारद्वाज ने बताया कि लंबे समय से बारिश न होने से पानी की किल्लत चली है। गांव में चल रही पेयजल समस्या को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही गांव में पेयजल सप्लाई बहाल की जाएगी।