चंबा। जिला मुख्यालय के साथ लगते बालू पुल पर बड़े वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। पुल की जर्जर हालत को देखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। बुधवार को उपायुक्त और लोनिवि के अधिकारियों ने पुल की स्थिति का जायजा लिया। पुल की हालत को देखते हुए उपायुक्त ने यह आदेश जारी किए। इसकी वजह यह है कि बालू पुल काफी पुराना हो चुका है। इसके ऊपर बिछाई लोहे की परत भी सड़ चुकी है। इससे यहां किसी भी समय बड़ा हादसा होने का खतरा बढ़ गया है। माना जा रहा है कि कुछ दिन पहले परेल पुल टूटने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। इससे सबक लेते हुए प्रशासन ने बालू पुल के ऊपर बड़े वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया है। इस वजह से अब चुराह और साहू के क्षेत्र की तरफ जाने वाले सभी बड़े वाहन वाया सरोथा होकर जाएंगे। बालू पुल का निर्माण वर्ष 1975 हुआ था। मगर वर्तमान में उसकी हालत काफी जर्जर हो चुकी है। उपायुक्त ने लोनिवि को निर्देश दिए हैं कि बालू पुल की जल्द से जल्द मरम्मत करवाई जाए। ताकि पुल को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचे।
बालू में बड़े वाहनों का प्रवेश किया वर्जित : सुदेश मोख्टा
उपायुक्त सुदेश मोख्टा ने बताया कि वर्तमान में बालू पुल की हालत खस्ता हो चुकी है। इसके चलते पुल में बड़े वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। अवमानना करने वाले वाहन ऑपरेटरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पुल के पास पुलिस कर्मी भी तैनात किए गए हैं।