चंबा। पहली अप्रैल से जिले के 13 विभिन्न रूटों पर दौड़ने वाली बसों की रफ्तार पर ब्रेक लग जाएगा। 15 साल की अवधि पूरी कर चुकीं इन बसों को अब नहीं दौड़ाया जाएगा। थोड़ी राहत की बात यह है कि जिले को हाल ही में दस नई बसें उपलब्ध करवाने की बात सरकार ने की है। सरकार ने दो बीएस-6 बसें चंबा को भेज दी हैं जो 28 सीटर हैं।
शेष आठ बसें जो चंबा के एचआरटीसी बेड़े में शामिल होंगी, वे 47 सीटर रहेंगी। 31 मार्च के बाद जो बसें बंद होंगी, उनमें अधिकतर लोकल रूट की बसें शामिल हैं। लंबी दूरी के रूटों वाली बसें इस सूची में फिलहाल शामिल नहीं हैं। एचआरटीसी प्रबंधन भी निदेशालय से इस मामले के बारे में लगातार पत्राचार कर रहा है। गौरतलब है कि सरकार के निर्देशानुसार अब 15 साल की अवधि पूरी करने वाली बसों को बंद किया जा रहा है जिससे किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। सरकार के निर्देशों के बाद अब एचआरटीसी प्रबंधन ने 31 मार्च तक 15 साल की अवधि पूरी करने वाली बसों की सूची तैयार कर ली है। साथ ही इस सूची को निदेशालय भी भेज दिया गया है। सरकार भी डिमांड के अनुरूप बसों को भेजने की तैयारी में है। नई बसें मिल जाने से जहां बार-बार खराबी की समस्या का समाधान हो जाएगा वहीं यात्रियों का सफर भी सुगम हो जाएगा।
एचआरटीसी चंबा के क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जिले में 13 बसों के 15 साल 31 मार्च को पूरे हो जाएंगे। इन बसों को रूटों पर नहीं दौड़ाया जाएगा। दो नई बसें पहुंच चुकी हैं। इन बसों को पुराने रूटों की जगह अप्रैल से भेजा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार शेष बसों को भी जल्द भेजेगी।