सलूणी (चंबा)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल टिकरू में अध्यापकों की कमी के कारण 15 विद्यार्थियों ने दूसरे स्कूलों में दाखिला ले लिया है। यहां तक कि अभिभावकों ने विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला ले लिया है। इसको लेकर स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक में भी चर्चा की गई है।
स्कूल में छह प्रवक्ताओं के पद पिछले दस साल से खाली चल रहे हैं। प्रवक्ताओं के अलावा चार अन्य गैर शैक्षणिक कर्मियों के पद भी खाली पड़े हैं। विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को मजबूरी में दूसरे स्कूलों में प्रवेश लेना पड़ा क्योंकि विद्यालय में 31 मई को विज्ञान संकाय को लेकर सरकार ने अधिसूचना जारी की थी लेकिन अभी तक सरकार इस संकाय में एक भी प्रवक्ता की तैनात नहीं कर पाई है। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। विद्यालय में हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, फिजिक्स, गणित, अधीक्षक, वरिष्ठ सहायक, क्लर्क और लैब सहायक के पद वर्ष 2012 से खाली पड़े हैं।
सरकार बच्चों के भविष्य को लेकर जरा भी चिंतित नहीं है। इसलिए अभिभावक अपने बच्चों को दूसरे स्कूलों में भेजने के लिए मजबूर हैं। - राकेश कुमार, अभिभावक।
सरकार स्कूल में अध्यापक तैनात नहीं कर सकती है तो उन्हें स्कूल खोलने भी नहीं चाहिए। इससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ता है। - पुष्पा देवी, अभिभावक
अब अभिभावकों ने आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। अध्यापकों की तैनाती न होने पर विस चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। - रवि कुमार, अभिभावक
विनोद कुमार ने बताया कि स्कूल प्रबंधन समिति ने कई बार सरकार और विभाग को खाली पद भरने के बारे में सूचित किया लेकिन अभी तक किसी ने भी गंभीरता नहीं दिखाई है। - विनोद कुमार अभिभावक।
उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क ने बताया कि सरकार ने चार माह पहले अध्यापकों के आदेश किए थे लेकिन उन्होंने यहां ज्वाइन नहीं किया। इसके बारे में सरकार को अवगत करवा दिया है। शिक्षकों की तैनाती को लेकर प्रयास जारी हैं।
प्यार सिंह चाढ़क, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग।