मैहला (चंबा)। ग्राम पंचायत मैहला के कुटिया, सियोका, भमणा और बैंसका गांवों की एक हजार की आबादी को शुक्रवार की रात अंधेरे में ही काटनी पड़ी। शुक्रवार शाम छह बजे अचानक गुल होने वाली बिजली की सप्लाई शनिवार सुबह सात बजे जाकर बहाल हो पाई। नतीजतन, लोगों विशेषकर गृहिणियों और स्कूली बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों की मानें तो मैहला पंचायत के अधीन आने वाली पंचायतों में अकसर इसी प्रकार की समस्या बरकरार रहती है। कई बार बोर्ड कर्मचारियों को अवगत करवाया गया। लेकिन, समस्या का समाधान न हो पाना उनकी दिक्कतों को बढ़ाने का ही काम कर रहा है।
ग्राम पंचायत मैहला के उपप्रधान मनोज जसरोटिया, किस्सो राम, रोशन लाल, ओम प्रकाश, रविगिरी, तिलक राज, मानक चंद, निक्कू राम, उत्तम चंद और भगतो का कहना है कि क्षेत्र की एक हजार की आबादी को शुक्रवार को बिजली गुल होने से परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के मुताबिक क्षेत्र में करीब 50 ट्रांसफार्मरों की देखरेख और तकनीकी खराबी के लिए रात के समय कोई भी विद्युत कर्मी तैनात नहीं रहता है। ऐसे में बिजली के गुल होने से ग्रामीणों को अंधेरे में रातें काटनी पड़ती है। लोगों ने बोर्ड के अधिशासी अभियंता से प्राथमिकता के आधार पर समस्या का समाधान करवाए जाने की मांग उठाई है। विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता योगेश शर्मा ने बताया कि तकनीकी खराबी पेश आने से ही इस प्रकार की समस्या आई है। बहरहाल, बिजली की सप्लाई को सुचारु करवा दिया गया है।