चंबा। मरीजों के लिए वरदान साबित होने वाली 108 और 102 एंबुलेंस वाहन समय पर मरम्मत कार्य नहीं होने के कारण खटारा हो चुके हैं। इस वजह से जिले के लोगों को समय पर एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालत यह है कि जिले में चलने वाली 108 एंबुलेंस के 18 वाहनों में से 16 वाहन खड़े हो चुके हैं। इसमें से तीसा और पांगी में मात्र दो ही वाहन चल रहे हैं। एंबुलेंस वाहनों की नियमित रूप से मरम्मत नहीं होने से यह समस्या पेश आई है। वहीं जिले में चलने वाली 10 में से नौ 102 एंबुलेंस सेवाएं पासिंग को देखते हुए खड़ी की जा चुकी है।
हैरानी इस बात की है कि इन वाहनों को चलाने और चालक और स्टाफ कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और कंपनी से इस संबंध में शिकायत कर चुके हैं। मगर अभी तक वाहनों की मरम्मत को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इसके अलावा 102 एंबुलेंस की 10 गाड़ियों में से 9 गाड़ियां 31 अक्तूबर से पासिंग के चलते खड़ी हैं। लोगों को सहूलियतें प्रदान करने के लिए 108 एंबुलेंस के खराब होने पर 102 एंबुलेंस की सेवाएं ली जाती है। मगर वर्तमान समय में 108 और 102 की करीब सभी गाड़ियां खराब पड़ी हैं।
इस वजह से मरीजों को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलती तो इन्हें चलाने वाला स्टाफ भी जान खतरे में डालकर चलाने को मजबूर हैं। वाहनों की कमी के कारण लोग टॉल फ्री नंबरों पर एंबुलेंस के लिए फोन करते थक जाते हैं। मगर वहां से उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिलती है। इस वजह से मरीजों को निजी और टैक्सी वाहनों के माध्यम से अस्पताल पहुंचना पड़ता है। बताया जा रहा है कि समय पर मरम्मत और टायर नहीं होने के कारण यह वाहन दयनीय स्थिति में पहुंच चुके हैं और अब उन्हें चलाना अनमोल जिंदगियों से खिलवाड़ करना है।
चंबा में तीन एंबुलेंस, डलहौजी में एक, बनीखेत में एक, होली में एक भरमौर में दो, चूड़ी में, चुवाड़ी, सिहुंता, सुंडला, तीसा, साहो, सलूणी और चंबा में एक-एक 108 एंबुलेंस वाहन खराब हैं। इसके अलावा 102 एंबुलेंस सेवा पासिंग के चलते चंबा में दो, साहो में एक, कलसूई में एक, भरमौर और तीसा में एक-एक एंबुलेंस बंद पड़ी है। बहरहाल, इस संदर्भ में 108-102 एंबुलेंस सेवा में जुटे कर्मचारियों ने डीसी चंबा को इस संदर्भ में ज्ञापन सौंपकर अवगत करवाया है। सीएमओ चंबा डॉ. वाईडी शर्मा ने बताया कि एंबुलेंसों को ठीक करवाने बारे संबंधित कंपनी प्रबंधन से बात की जाएगी।