चंबा। ग्राम पंचायत सियुला के दो दर्जन गांव आजादी के बाद भी सड़क से कोसों दूर हैं। हालत यह है कि इन गांवों में रहने वाले लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए 12 किमी का पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। इस वजह से सबसे अधिक परेशानी लोगों को मरीज और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में आती है। मजबूरी में लोगों को पालकी पर या पीठ पर उठाकर लोगों को अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। मगर आज दिन तक इन गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए किसी सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है। इस वजह से क्षेत्र के दो दर्जन आज भी सड़क सुविधा से कोसों दूर हैं।
ग्रामीण राजकुमार, सुरेंद्र, मान सिंह, टेक चंद, योगराज, कमल कुमार, हंसराज, रवि कुमार, सोभिया राम, सुरेश और अजीत कुमार ने बताया कि पंचायत के दो दर्जन गांव ऐसे हैं, जहां पर सरकार ने आज दिन तक सड़क बनाने की जहमत नहीं उठाई है। जबकि प्रदेश में सत्तासीन होने वाली सरकार सड़कों का जाल बिछाने का दावा करती रहती हैं। इसके बावजूद दूरदराज के गांव आज भी सड़क से महरूम हैं। ऐसे में सरकार के दावे खोखले साबित होते रहे हैं। राजनीतिक पार्टियां इन गांवों के लोगों को मात्र वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल कर रही हैं। मगर चुनाव होने के बाद यहां कोई लौटकर नहीं आता। उन्होंने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि उपरोक्त पंचायत को सड़क से जोड़ा जाए।
सड़क को लेकर डीपीआर हो चुकी है तैयार : अरुण पठानिया
अधिशाषी अभियंता अरुण पठानिया ने बताया कि उपरोक्त गांव को सड़क से जोड़ने के लिए डीपीआर तैयार हो चुकी है। सरकार से सड़क बनाने की मंजूरी भी मिल गई है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया करवाई जाएगी।