प्रवीण कुमार
चंबा। जिला के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में अब शवों के पोस्टमार्टम करवाने की सुविधा होगी। इससे जहां मृतक के परिजनों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा वहीं चंबा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के काम का बोझ भी कम होगा। इस बारे में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने जिला के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
गौरतलब हो कि जिला में इससे पूर्व किसी भी क्षेत्र में दुर्घटना और अन्य कारणों से मरने वालों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज लाया जाता था। ऐसे में परिजनों को परेशानियों से दो चार होना पड़ता था। इसमें समय की बर्बादी भी होती थी। नए नियमों के तहत जिला के तीसा, भरमौर, पांगी, चुवाड़ी और किहार में पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले स्वास्थ्य केंद्रों ही पोस्टमार्टम की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। इससे पुलिस को शव उठाकर चंबा आने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। साथ ही चंबा मेडिकल कॉलेज में तैनात डॉक्टरों को भी राहत मिलेगी। जिला में आए दिन कोई न कोई दुर्घटना होती रहती है। इसमें मरने वाले शव को पोस्टमार्टम के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज लाया जाता था। इससे डॉक्टर को ओपीडी छोड़कर शव का पोस्टमार्टम करने के लिए जाना पड़ता था। इसके बाद केस को लेकर डॉक्टर को कोर्ट में भी सुनवाई के दौरान पेश होना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनिल ओहरी ने बताया कि अब जिला में थाना से संबंधित शवों के पोस्टमार्टम होंगे। चंबा मेडिकल कॉलेज में सिर्फ सदर थाना के तहत होने वाली दुर्घटनाओं और हादसों में मरने वालों के पोस्टमार्टम किए जाएंगे। अन्य थानों के केस नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में ही निपटाए जाएंगे। इसको लेकर दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं।
संदिग्ध मौत होने पर मेडिकल कॉलेज में होगा पोस्टमार्टम
जिला में कहीं पर भी कोई संदिग्ध मौत होती है तो ऐसे शवों का पोस्टमार्टम चंबा मेडिकल कॉलेज में ही होगा। ऐसे शवों को पोस्टमार्टम के लिए फोरेंसिक एक्सपर्ट की जरूरत होती है। जो चंबा मेडिकल कॉलेज में ही है।