अमर उजाला ब्यूरो
इसकी वजह से होली में रोजमर्रा की वस्तुएं खत्म होना शुरू हो गई है। हालत यह है कि होली में संचालित विद्युत परियोजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों को भी मेस में एक समय का खाना दिया जा रहा है। बाकि समय के खाने का इंतजाम कर्मचारियों को खुद करना पड़ रहा है। जल्द ही होली में राशन की उचित व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में होली में रहने वाले लोगों को भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। होली में खाने के ढाबे भी राशन की सप्लाई न होने की वजह से बंद हो चुके हैं।
होली क्षेत्र के अधीन आने वाली एक दर्जन पंचायतों में रहने वाली बीस हजार की आबादी को मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्थानीय निवासी चैन लाल, हंसराज, केवल कुमार, टेक चंद, रवि कुमार, जितेंद्र, रविंद्र, अरविंद, सुरेश, कमल कुमार, देसराज, रोशन लाल और प्यार सिंह ने बताया कि चंबा-होली मार्ग त्यारी पुल और बग्गा के पास भारी भूस्खलन होने की वजह से सात दिनों से बंद पड़ा है। उन्होंने प्रदेेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि होली में राशन की सप्लाई भेजने की उचित व्यवस्था की जाए।