चंबा। पांगी कॉलेज में साइंस विषय पढ़ने वाले दस बच्चों को पढ़ाने के लिए चंबा कॉलेज के 1000 छात्रों की पढ़ाई दांव पर लगाई जा रही है। उच्च शिक्षा निदेशालय शिमला ने चंबा कॉलेज में तैनात विज्ञान स्ट्रीम के चार अध्यापकों को डेपुटेशन पर पांगी कॉलेज जाने के निर्देश जारी किए हैं। जबकि दो अध्यापक पहले ही डेपुटेशन पर दूसरे कॉलेज भेजे जा चुके हैं। हालांकि कॉलेज में मौजूदा समय में हाउस परीक्षा चले हुए हैं। जोकि तीन अक्तूबर तक चलेंगे। इसके अलावा चार अक्तूबर से वार्षिक परीक्षा शुरू होने वाली हैं। तीन अक्तूबर को छात्रों के प्रेक्टिकल शुरू होंगे।
एक हजार छात्रों के प्रेक्टिकल करवाने के लिए कॉलेज में मात्र चार ही अध्यापक बचे हैं। इनके लिए छात्रों के प्रेक्टिकल और वार्षिक परीक्षा की तैयारी करवाना मुश्किल हो जाएगा।
पांगी कॉलेज में बीएससी प्रथम सेमेस्टर में मेडिकल व नॉन मेडिकल में आठ, दूसरे सेमेस्टर में दो और तीसरे सेमेस्टर में एक भी छात्र नहीं है। जबकि चंबा कॉलेज में पहले सेमेस्टर में 365, दूसरे सेमेस्टर में 314 और तीसरे सेमेस्टर में 273 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन छात्रों की वार्षिक परीक्षाएं सिर पर हैं।
ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग ने अध्यापकों को दूसरी जगह डेपुटेशन पर भेजकर उनके भविष्य से खिलवाड़ किया है। पांगी कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को पढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग चंबा कॉलेज में भी बुला सकता है। उनकी रहने की व्यवस्था चंबा में जनजातीय हॉस्टल में हो सकती है। मगर शिक्षा निदेशालय ने ऐसा करने की बजाए दस छात्रों के पीछे एक हजार छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया। वहीं अध्यापकों को भी पांगी जाने के लिए काफी परेशानी झेलनी होगी। अध्यापकों को वाया जेएंडके होकर पांगी जाना होगा। क्योंकि वाया साच पास बर्फबारी के कारण बंद पड़ा है।
बाई पोस्ट ऑर्डर पहुंचने पर रिलीव किए जाएंगे अध्यापक : राकेश राठौर
चंबा कॉलेज के कार्यकारी प्राचार्य राकेश राठौर ने बताया कि उनके पास व्हाट्सऐप पर अध्यापकों कोडेपुटेशन पर भेजने को लेकर सूचना मिली है। अभी तक बाई पोस्ट ऑर्डर नहीं पहुंचे हैं। इनके पहुंचते ही अध्यापकों को रिलीव करना पड़ेगा।