चंबा। भारत बंद के दौरान जिला मुख्यालय में कांग्रेसियों की आपसी गुटबाजी साफ नजर आई। इसकी वजह यह है कि देश व्यापी इस बंद में कांग्रेस के कई बड़े नेता नहीं आए। डलहौजी, भरमौर और तीसा से कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता रैली से नदारद रहे। जबकि कांग्रेस जिला अध्यक्ष एवं भटियात के नेता कुलदीप सिंह पठानिया, पीसीसी सचिव और चंबा से नीरज नैयर के अलावा और कोई नेता मौजूद नहीं था। जबकि डलहौजी की विधायक और राष्ट्रीय कांग्रेस सदस्य आशा कुमारी, भरमौर के नेता एवं पूर्व वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, तीसा के नेता व पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेंद्र भारद्वाज विरोध प्रदर्शन से गायब दिखे।
इससे कांग्रेस के बीच में चल रही गुटबाजी साफ देखने को मिली। इसी गुटबाजी की वजह से चंबा में कांग्रेस बंद का कोई खास असर देखने को नहीं मिला। आलम यह था कि कांग्रेस की रैली में सौ से ज्यादा कार्यकर्ताओं नहीं थे। जबकि पांचों विस क्षेत्र के कार्यकर्ता अगर रैली में भाग लेते तो यह भीड़ हजार का आंकड़ा छू सकती थी। मगर नेताओं की आपसी गुटबाजी के चलते ऐसा नहीं हो पाया है। कांग्रेस में गुटबाजी जिला स्तर पर ही नहीं बल्कि प्रदेश स्तर पर भी चल रही है। हाल ही में चंबा आई हिमाचल कांग्रेस प्रभारी प्रतिभा पाटिल के कार्यक्रम में भी यह गुटबाजी नजर आई थी। जो आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अच्छे संकेत नहीं है।