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बरसात से निपपटने के लिए उपमंडलों में स्थापित होंगे नियंत्रण कक्ष

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rain - फोटो : amar ujala
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अमर उजाला ब्यूरो

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चंबा। जिले में मानसून के दस्तक देने से पहले जिला प्रशासन इससे निपटने की तैयारियों में जुट गई गया है। जिला प्रशासन में मंगलवार को मानसून से निपटने की तैयारियों की समीक्षा को लेकर बैठक आयोजित की। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन अथॉरिटी हरिकेश मीणा ने की। उन्होंने जिले के सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वह अपने-अपने उपमंडलों में नियंत्रण कक्षों को 20 जून से कार्यशील कर लें। इसके अलावा जिला आपदा प्रबंधन अथॉरिटी का जिला मुख्यालय पर स्थित टोल फ्री नंबर 1077 भी चौबीसों घंटे कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग भूस्खलन को लेकर संवेदनशील जगहों और खतरनाक सड़कों को चिन्हित करके उसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भी उपलब्ध करवाएं।

उपायुक्त ने यह हिदायत भी दी की विभिन्न उपमंडलों में नदी-नालों के किनारे और बरसात से होने वाले नुकसान के दृष्टिगत संवेदनशील जगहों पर रहने वाले लोगों को बरसात से पहले ही सुरक्षित जगहों पर रहने के लिए भेजा जाए। उन्होंने ग्राम स्तर पर गठित ग्राम आपदा प्रबंधन समितियों को कार्यशील बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी सभी ग्राम आपदा प्रबंधन समितियों के मोबाइल नंबरों की सूची भी तैयार की जाए। बरसात के दौरान लोक निर्माण, आईपीएच, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत बोर्ड और परिवहन निगम को सेवाओं को बहाल करने को लेकर समय रहते कार्य योजना तैयार करनी होगी। पुलिस और होमगार्ड भी आपदा से निपटने को लेकर तैयारियां पूरी कर ले।
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उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध है। आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को बचाव और राहत कार्यों को अंजाम देने के लिए अगर उपकरणों की जरूरत है तो वह सूची को जल्द जिला आपदा प्रबंधन अथॉरिटी को भेजना सुनिश्चित करें। जिला मुख्यालय सहित उपमंडल में स्लैब कटर और वुड कटर उपलब्ध रहने चाहिए। उपायुक्त ने जिले में संचालित विभिन्न जल विद्युत परियोजनाओं कें प्रबंधकों को कहा कि वह समन्वय कायम रखने के अलावा प्रशासन के साथ भी तालमेल रखें।
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चमेरा जल विद्युत परियोजना प्रबंधन ने उपायुक्त को अवगत करवाया कि चमेरा जल विद्युत परियोजना चरण -1 में गोताखोर उपलब्ध हैं, जो रेस्क्यू में पूरी मदद कर सकते हैं। चंबा शहर के समीप रावी नदी पर बालू पुल को लेकर उपायुक्त ने बैरा-स्यूल परियोजना प्रबंधन को निर्देश देते हुए कहा कि प्रबंधन अपनी कंसल्टेंसी एजेंसी के माध्यम से बालू पुल कि भार उठाने की क्षमता का अविलंब आकलन करवाए। उपायुक्त ने जिले के कुछ स्थानों पर भीड़भाड़ और वाहनों की आवाजाही वाली जगहों पर खुले में रखे गए रसोई गैस सिलिंडरों का संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रशासन और पुलिस इसको लेकर कदम उठाए। अतिरिक्त उपायुक्त हेमराज बैरवा, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण जेएस गुलेरिया, अधीक्षण अभियंता सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग आरके वर्मा, अधिशासी अभियंता जीत सिंह ठाकुर, डीएसपी जितेंद्र चौधरी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामकमल समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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