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ऋण न चुकाने वाले 70 बैंक उपभोक्ता डिफॉल्टर घोषित

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loan - फोटो : demo pics
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अमर उजाला ब्यूरो

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किहार(चंबा)। किहार सेक्टर के अधीन आने वाले परिक्षेत्र डिफॉल्टरों पर बैंक प्रबंधन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। यूको बैंक प्रबंधन ने 70 उपभोक्ताओं को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया है। जबकि, आगामी समय में 50 उपभोक्ता डिफॉल्टर होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। वहीं, बैंक प्रबंधन ने डिफॉल्टर उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द ऋण की रकम को बैंक के पास जमा करवाने के बारे में अंतिम मोहलत दी गई है। ऋण की रकम वापिस न करने पर बैंक प्रबंधन डिफॉल्टरों के केस न्यायालय में भेजे जाएंगे।

वहीं, बैंक प्रबंधन की इस कार्रवाई के बाद डिफॉल्टर उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया है। गौरतलब है कि किहार स्थित यूको बैंक प्रबंधन ने ग्राम पंचायत भांदल, सनूंह, किहार, डांड और सूरी क्षेत्र के ग्रामीणों को वर्ष 2006 से लेकर 2018 तक विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत एक करोड़ से अधिक का ऋण प्रदान किया गया।
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बावजूद इसके अधिकांश बैंक उपभोक्ताओं ने ऋण के रूप में ली गई राशि को लौटाने की जहमत नहीं उठाई है। ऐसे में अब यूको बैंक प्रबंधन ने डिफॉल्टर उपभोक्ताओं पर शिकंजा कसना आरंभ कर दिया गया है। इसी क्रम में बैंक प्रबंधन ने 70 बैंक उपभोक्ताओं को ऋण लेने के बाद चुकता न करने पर डिफॉल्टर घोषित किया गया है। इसके साथ ही 50 बैंक उपभोक्ताओं को डिफॉल्टर घोषित करने की कगार पर पहुंच चुके हैं।

लघु उद्योग और कारोबार के लिए दिया ऋण
यूको बैंक प्रबंधन द्वारा लोगों को कृषि करने, व्यापार करने, घोड़े, खच्चर, गाय-भैंस खरीदने और लघु उद्योग स्थापित करने के लिए ऋण प्रदान किया गया था। इसकी एवज में अभी तक उपभोक्ताओं ने ऋण की अदायगी बैंक प्रबंधन को नहीं की गई है।
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ऋण की अदायगी न करने पर कोर्ट में भेजे जाएंगे केस: प्रबंधक
यूूको बैंक किहार शाखा के बैंक मैनेजर अजय कुमार शर्मा ने बताया कि ऋण की अदायगी न करने पर 70 बैंक उपभोक्ताओं को डिफॉल्टर घोषित किया गया है। जबकि, 50 के करीब बैंक उपभोक्ता डिफॉल्टर होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर बैंक उपभोक्ता को ऋण भुगतान संबंधी समस्या हो रही है तो वह बैंक में पहुंच कर समस्या बताए उसका समाधान किया जा सकता है। ऋण की अदायगी न करने पर कोर्ट में भेजे जाएंगे केस।

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