अमर उजाला ब्यूरो
चंबा।
जिले की छह लाख की आबादी को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने वाले मेडिकल कॉलेज चंबा में रात के समय इमरजेंसी में ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज चंबा में एनीस्थीसिया का एक ही चिकित्सक है। रात में मेडिकल कॉलेज में पहुंचने वाले इमरजेंसी केस को चिकित्सक न चाहते हुए भी टांडा मेडिकल कॉलेज या फिर पीजीआई रेफर करने को विवश हैं।
पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में बेहोशी का एक ही डॉक्टर तैनात है। किसी कारणवश एनास्थीसिया का डॉक्टर छुट्टी पर हो तो उस दिन कोई भी ऑपरेशन अस्पताल में नहीं किया जाता। चाहे कितनी भी इमरजेंसी क्यों न हो।
मरीज को अस्पताल से रेफर किया जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी रात के समय होती है, क्योंकि रात को एनास्थीसिया का डॉक्टर अस्पताल में नहीं होता। कई मर्तबा रात को सीरियस केस अस्पताल में आता है। अगर ऑपरेशन जरूरी है तो भी उसके टांडा रेफर करना पड़ता है।
दो दिन पहले देर रात को एक गर्भवती महिला को प्रसूति के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज लाया गया था। आपातकालीन कक्ष में तैनात डॉक्टर ने महिला की जांच की। ऑपरेशन जरूरी था, लेकिन अस्पताल में एनास्थीसिया का डॉक्टर नहीं था। इस कारण उसका ऑपरेशन नहीं हो पाया और तीमारदार महिला को निजी अस्पताल ले गए।
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एक और डॉक्टर की तैनाती के लिए भेजा पत्र : विनोद शर्मा
मेडिकल कॉलेज चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि अस्पताल में बेहोशी का एक ही डॉक्टर तैनात है। इसकी वजह से रात को एमरजेंसी में ऑपरेशन करने में परेशानी हो रही है। बेहोशी का अन्य डॉक्टर तैनात करवाने के लिए स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजा जाएगा।