तीन साल के बच्चे को स्क्रब टॉयफस
चंबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती, इस वर्ष स्क्रब टायफस का दूसरा मामला आया सामने
विशेषज्ञों की सलाह, तेज बुखार होने पर चिकित्सक से करवाएं उपचार
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में स्क्रब टायफस से ग्रसित तीन वर्ष के बच्चे को भर्ती करवाया गया है। चंबा में नए साल में स्क्रब टायफस का यह दूसरा मामला सामने आया है। बच्चे की पहचान युवराज (3) पुत्र परमेश निवासी बरौर के रूप में हुई है। बच्चे के शरीर पिस्सु के काटने का निशान भी है। इसके काटने से ही स्क्रब टायफस होता है। बच्चे को पिछले दो दिनों से तेज बुखार था। इसको देखते हुए परिजन बच्चे को चंबा मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां पर शिशु विशेषज्ञ डॉ. विशाल महाजन ने बच्चे की जांच की। जांच के दौरान उन्होंने पाया कि बच्चे के शरीर पर पिस्सु के काटने के निशान हैं। इससे विशेषज्ञ को यकीन हो गया कि बच्चे को स्क्रब टायफस है। उन्होंने बच्चे को फौरन अस्पताल में भर्ती कर लिया है। साथ ही उसका उपचार शुरू कर दिया है। चंबा में स्क्रब टायफस के मामले बढ़ रहे है। इसका मुख्य कारण लोगों में इस बीमारी के प्रति जागरूकता का न होना है। पिछले साल चंबा में चार से पांच मामले स्क्रब टायफस के सामने आए थे। इस वर्ष नए साल में दूसरा मामला सामने आया है।
स्क्रब टायफस के बचाव और लक्षण
ग्रामीण क्षेत्रों में घास काटने समय इसमें छिपे पिस्सु के काटने से स्क्रब टायफस होता है। विशेषज्ञों की मानें तो तेज बुखार होने पर लोगों को फौरन चिकित्सक के पास जाकर जांच करवानी चाहिए। वहीं छोटे बच्चे खेलते समय भी घास में छिपे पिस्सु काट लेते हैं। लोगों को सलाह दी जाती है कि घर के पास खरपतवार को न उगने दें। इसके अलावा साफ-सफाई का भी उचित ध्यान रखने से इस बीमारी से बचाव संभव है।
बच्चे का चल रहा उपचार: डॉ विशाल
शिशु विशेषज्ञ डॉ. विशाल महाजन ने बताया कि स्क्रब टायफस से ग्रसित बच्चे को अस्पताल में भर्ती किया गया है। बच्चे का उपचार शुरू कर दिया है। कुछ दिन तक बच्चे को अस्पताल में ही रखा जाएगा। इसके बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।