अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। ग्राम पंचायत जड़ेरा के ग्रजन गांव में पीने के पानी के साथ कीड़े निकल रहे हैं। लोगों ने पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठाएं है। इसके साथ ही उन्हें स्वास्थ्य की चिंता भी सता रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सिल्लाघ्राट प्राकृतिक स्रोत से गांव के लिए पानी की सप्लाई दिए जाने से यह नौबत पेश आई है। इससे पूर्व ग्रजन नाले से उन्हें पानी की सप्लाई दी जाती थी, जिसका पानी साफ था। एक माह से सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग ने पानी के टैंकों को साफ करने और ब्लीचिंग पाउडर डालने के बारे में अभियान छेड़ा था। इसके बाद पानी के टैंकों को साफ किया गया और ब्लीचिंग पाउडर भी डाला गया था। बावजूद इसके जड़ेरा पंचायत के ग्रजन गांव में पानी से निकलने वाले कीड़े ने विभागीय कार्यप्रणाली को शक के दायरे में लाकर खड़ा कर दिया है। ग्रजन गांव में वर्तमान में करीब 30 परिवार रहते हैं। ऐसे में गांव के बाशिंदों को होने वाले पानी की सप्लाई में कीड़े निकलना ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। ग्रामीण विवेक कुमार, कुलदीप, देविया, रतन, दुर्गो देवी, चेलो देवी, अजय कुमार, नवल, पवन कुमार, सुरेंद्र और चैन लाल का कहना है कि सिल्लाघ्राट पेयजल स्रोत से पानी की सप्लाई मुहैया करवाई जा रही है। इसी वजह से पानी में कीड़े निकल रहे हैं। इसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि कीड़े युक्त पानी पीने से दस्त-उल्टियां हो सकती है। इससे पेट की बीमारी भी होने का खतरा बना रहता है। आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता पल्लवी अबरोल ने बताया कि ग्रामीणों की इस प्रकार की कोई भी शिकायत उनके पास नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है तो विभागीय कर्मचारियों को मौके पर भेजकर पानी के भंडारण टैंक में ब्लीचिंग पाउडर डलवाया जाएगा।