रसगुल्ले में मिले हानिकारक रंग, सैंपल फेल
चमचम और पनीर के सैंपल भी पाए गए मिस ब्रांडेड, हलवाई को नोटिस
स्वास्थ्य विभाग ने एक महीने पहले भरे थे सैंपल
अमर उजाला ब्यूरो
चंबा।
शहर में मिठाइयों की दुकानों में बनने वाले रसगुल्लों में हानिकारक रंग पाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने एक महीने पहले ही शहर की विभिन्न दुकानों से छह सैंपल भरे थे। इसमें रसगुल्ले का सैंपल फेल हो गया है। जांच रिपोर्ट में पता चला है कि रसगुल्ले में प्रयोग किया गया रंग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। ऐसे में जिन लोगों ने इन रसगुल्ले को खाया है। उनकी सेहत पर बुरा असर भी पड़ सकता था। इसके अलावा चमचम और पनीर के सैंपल भी मिस ब्रांडेड पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में कारोबारी को नोटिस जारी कर दिया है। इसके बाद कारोबारी को स्वास्थ्य विभाग के डीओ कार्यालय में अपनी हाजिरी देनी होगी। यहां से मिठाइयों के सैंपल फेल होने का मामला कोर्ट में भेजा जाएगा। जबकि चमचम और पनीर का केस एडीएम कोर्ट में भेजा जाएगा। अनसेफ रसगुल्ले बेचने वाले हलवाई को कोर्ट में पांच लाख रुपये तक जुर्माने के साथ छह माह की सजा सुनाई जा सकती है। जबकि चमचम मिठाई और पनीर बेचने वाले हलवाई को एडीएम कोर्ट में जुर्माना लगेगा। शहर में खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता को बनाए रखने स्वास्थ्य विभाग लगातार दबिश दे रहा है। इसमें मिठाइयों और अन्य खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता बनाए रखने लगातार सैंपल भेजे जा रहे हैं।
रसगुल्ले का सैंपल अनसेफ : महेश कश्यप
जिला खाद्य सुरक्षा नामित अधिकारी महेश कश्यप ने बताया कि एक महीने पहले शहर के हलवाई की दुकानों से मिठाइयों के छह सैंपल भरे गए थे। इसमें रसगुल्ले का सैंपल अनसेफ पाया गया है। जबकि पनीर और चमचम मिठाई का सैंपल मिस ब्रांडेड पाया गया है। इस संबंध में कारोबारियों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। इनका केस कोर्ट में दायर किया जाएगा।