जानलेवा हुई बारिश, नदी नाले उफान पर
हड़सर-डलझील मार्ग पर मलबे की चपेट में आने से युवक की मौत, कालीघार में पत्थर गिरने से प्रधानाचार्य घायल
38 मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित, लाइनें टूटने से बिजली आपूर्ति ठप
अमर उजाला ब्यूरो
भरमौर (चंबा)। जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। जगह-जगह होने रहे भूस्खलन से अब सड़कों और रास्तों पर सफर करना जान के लिए खतरनाक हो गया है। भरमौर के हड़सर-डलझील पैदल मार्ग पर दुनाली के पास भूस्खलन होने से एक युवक की मौत हो गई। जबकि चुवाड़ी रायपुर मार्ग में कालीघार के पास वाहन पर पत्थर गिरने से प्रधानाचार्य घायल हो गए हैं। इसके अलावा जिले के 38 मार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए बाधित हो गए हैं। जबकि तीसा, किहार और अन्य क्षेत्रों में बिजली लाइन टूटने से हजारों लोगों को अंधेरे में जीवनयापन करना पड़ रहा है। बारिश से तीनों मंडलों को करीब 5 करोड़ का नुकसान हुआ है।
भरमौर के हड़सर-डलझील पैदल मार्ग पर दुनाली के पास भूस्खलन होने से संजीव पुत्र चतरो राम निवासी चौबिया की मौत हो गई है। यहां सूचना मिलते ही राजस्व और पुलिस विभाग की टीम मौके पर रवाना हो गई। देर शाम मृतक के शव को सिविल अस्पताल भरमौर में लाया गया और अस्पताल के शवगृह में रखा गया। बुधवार को मृतक युवक के शव का पोस्टमार्टम होगा। वहीं, मृतक के परिजनों को दस हजार रुपये फौरी राहत के रूप में प्रदान कर दी गई है। वहीं मौसम विभाग की चेतावनी के बाद स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं को बारिश थमने तक यात्रा पर न जाने का परामर्श दिया है। ताकि किसी प्रकार का जान माल का नुकसान न हो सके। हड़सर से डलझील तक का पैदल मार्ग पहाड़ों से घिरा हुआ है। यहां पर भूस्खलन होने का खतरा बना रहता है। इसलिए प्रशासन ने श्रद्धालुओं को बारिश में यात्रा न करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा मार्ग के साथ में मणिमहेश नाला बहता है। इसका जलस्तर भी बढ़ गया है। एडीएम भरमौर पीपी सिंह ने बताया कि हड़सर-धनछौ मार्ग पर दुनाली नामक स्थान पर भूस्खलन होने के बाद मलबे और पत्थरों की चपेट में आने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई है।
प्रधनाचार्य के सिर पर लगी चोट, टांडा रेफर
चुवाड़ी-नुरपूर मार्ग पर कालीघार से 100 मीटर आगे यकायक पत्थर गिरने से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ककीरा में तैनात प्रधानाचार्य की गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, गाड़ी में सवार प्रधानाचार्य के सिर पर भी चोट लगी है। घटना उपरांत प्रधानाचार्य को सिविल अस्पतल चुवाड़ी पहुंचाया गया। यहां पर प्राथमिक उपचार उपरांत सिटी स्कैन करवाने के लिए उन्हें टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
ये मार्ग रहे बाधित
लोनिवि के सलूणी मंडल के तहत बासवा-नड्डल मार्ग, और संघणी-लंगेरा-खुंड़ी मराल मार्ग मंगलवार को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारू नहीं हो पाएं हैं। बहरहाल, अब बुधवार दोपहर तक मार्गों को यातायात के लिए सुचारू किया जा सकता है। बारिश के चलते सोमवार देर रात चंबा मंडल के तहत चंबा-जोत मार्ग, चंबा-साहो, चंबा-अगाहर, जांघी-लिल्ह, चंबा-देवीदेहरा, परौथा-कुरैणाधार, राण-जुम्महार, घूम-जंजला, चंबा-जुम्महार,भनैरा-कोलका, कोलका-जटकरी, कीड़ी-लग्गा, बनेरा-कोलका मार्ग यातायात के लिए बंद पड़े हैं। सूचना मिलते ही लोनिवि ने मौके पर पहुंच मार्गों को यातायात के लिए सुचारू किया। बारिश से लोनिवि मंडल चंबा को डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं, लोनिवि मंडल तीसा के तहत तरेला-मंगली, तीसा-सेईकोठी-झझाकोठी, नकरोड़-टिकरीगढ़-बघेईगढ़, बघेईगढ़-चांजू, कल्हेल, थल्लीधार, रखालू-जसौरगढ़, खखरी-खैरना मार्ग यातायात के लिए बाधित हो गए। लोनिवि ने दोपहर तक मार्गों को यातायात के लिए बहाल कर दिया हे। वहीं, तरेला-मंगली मार्ग छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए खोला गया है। बारिश से मंडल तीसा को करीब दो करोड़ की चपत लगी है। लोनिवि के मंडल सलूणी के तहत छह मार्ग मूसलाधार बारिश के कारण सोमवार दोपहर बाद तक बंद रहे। लोनिवि ने चार मार्गों कुठेड-खडवाड़ा, चौगा-खरल, ब्रंगाल-बांगल, चकोली-लडेर मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया। जबकि, अभी भी दो मार्ग बासा-नड्डल और संघणी-लंगेरा-खुंडी मराल यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाएं हैं। सलूणी मंडल को डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ है। इसके अलावा मूसलाधार बारिश से चुवाड़ी-रायपुर मार्ग सादल के पास और चुवाड़ी-होबार मार्ग द्रम्मण के पास पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहा। इन मार्गों को भी बहाल कर दिया गया है। लोनिवि चंबा के अधिशासी अभियंता जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि बारिश से चंबा मंडल के तहत 15 मार्ग बंद पड़े थे। उन्हें दोपहर दो बजे तक यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। चंबा मंडल को डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ है। लोनिवि सलूणी के अधिशासी अभियंता अरूण पठानिया ने बताया कि बारिश से छह मार्ग बाधित हुए हैं। चार मार्गों को बहाल कर दिया गया है। जबकि, दो मार्गों को बुधवार तक वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। सलूूणी में करीब डेढ करोड़ का नुकसान हुआ है। लोनिवि तीसा के अधिशासी अभियंता हर्ष पुरी ने बताया कि सात मार्ग मूसलाधार बारिश से बंद थे। इन्हें खोल दिया गया है। मंडल तीसा को करीब दो करोड़ का नुकसान हुआ है।