फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मांगों को लेकर गरजे कामगार

विज्ञापन
protest - फोटो : demo pics
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो

विज्ञापन

भरमौर (चंबा)। हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन वर्कर्स यूनियन (सीटू) के कामगारों ने मांगों को लेकर दोपहर बाद हड़ताल की। इस दौरान ग्राम पंचायत खणी को लाहल के स्विचयार्ड का कार्य पूरी तरह से बंद रहा। हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन वर्कर्स यूनियन (सीटू) के विजय कुमार, तेज सिंह, राकेश कुमार, मनोज कुमार ने बताया कि मजदूर लंबे समय से मांगों को कंपनी प्रबंधन से समक्ष उठाते आ रहे हैं।

बावजूद इसके कंपनी ने अभी तक इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया है। इसी संदर्भ में श्रम अधिकारी चंबा के समक्ष समझौता वार्ता में कंपनी ने माना था कि मजदूरों की मांगों को 15 दिनों के भीतर पूरा कर दिया जाएगा। इसके बाद भी कंपनी प्रबंधन ने एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी मजदूरों की मांगों को पूरा नहीं किया है। इसके विरोध में मजदूरों ने परियोजना के कार्य को बंद रखा।
विज्ञापन


हड़ताल पर जाने से पहले यूनियन ने कंपनी प्रबंधन को इस विषय में नोटिस भी दिया गया। नोटिस का समय बीत जाने के बाद भी कंपनी ने यूनियन से कोई बातचीत नहीं की है। परियोजना में श्रम कानूनों को पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। इसके चलते मजदूरों का शोषण हो रहा है। मजदूरों की मांग है कि उन्हें प्रदेश सरकार का निर्धारित न्यूनतम वेतनमान दिया जाए।

कंपनी आठ घंटे के बाद भी काम लेती है तो मजदूरों को ओवर टाइम का भुगतान किया जाए, साप्ताहिक छुट्टी मिले, सभी मजदूरों को सुरक्षा उपकरण दिए जाएं, आने-जाने के लिए शिफ्ट वाइज गाड़ी का इंतजाम, रहने के लिए कालोनियों का निर्माण किया जाए। मार्च को श्रम अधिकारी के समक्ष हुए समझौते को लागू किया जाए और यूनियन के साथ इस विषय पर बैठक बुलाई जाए।

अन्यथा मजदूरों का आंदोलन जारी रहेगा। मजदूरों के इस आंदोलन का बजोली-होली प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन और जिला कमेटी सीटू चंबा ने भी लाहल में मजदूरों के आंदोलन का समर्थन किया है।
विज्ञापन


खणी पंचायत प्रधान अंजू देवी ने बताया कि बीते माह स्थानीय प्रशासन को कंपनी प्रबंधन ने स्थानीय युवाओं को दरकिनार बाहरी राज्यों के लोगों को रोजगार दिए जाने के विरोध में भी ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि अगर कंपनी स्थानीय युवाओं को रोजगार से विमुख कर बाहरी राज्यों के लोगों को रोजगार देती है तो वह कंपनी प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन शुरू कर देंगे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें