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स्ट्रेचर पर ढोया जा रहा सामान, पीठ पर मरीज ले जाने को मजबूर तीमारदार

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doctors - फोटो : demo pics
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अमर उजाला ब्यूरो

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चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा में स्ट्रेचरों पर मरीजों की बजाए सामान ढोया जा रहा है। वहीं तीमारदार मरीजों को पीठ पर उठाने को मजबूर हैं। यह हालात अस्पताल में लंबे समय से हैं। मगर अस्पताल प्रबंधन इस संदर्भ में कोई कार्रवाई करता नहीं दिख रहा है। इस वजह से जिले भर से यहां उपचार के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है।

हालांकि अस्पताल में स्ट्रेचरों की व्यवस्था मरीजों को वार्डों में ले जाने और टेस्ट करवाने के लिए होती है। मगर चंबा मेडिकल कॉलेज में इनका लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। इस वजह से तीमारदार स्ट्रेचर के लिए भटकते रहते हैं। मगर उन्हें स्ट्रेचर नहीं मिलते हैं। मजबूरी में उन्हें मरीजों को पीठ पर उठाकर यहां से वहां ले जाना पड़ता है। मगर व्यवस्था देखने वाले अधिकारी इस पूरे मामले पर आंखें मूंदे हुए हैं। तीमारदार योगराज, कमलेश कुमार, मनीष कुमार, सुुरेंद्र, हरीश कुमार, रवि कुमार, चंद राम, राकेश, धर्मपाल और किशोर ने बताया कि अस्पताल में राशन सहित अन्य जो भी सामान आता है।
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उसे ले जाने के लिए स्ट्रेचरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकी वजह से अस्पताल में रखे कई स्ट्रेचर खस्ताहाल हो चुके हैं। इसकी वजह यह है कि स्ट्रेचर पर क्षमता से ज्यादा सामान ले जाया जा रहा है, इस वजह से स्ट्रेचर टूट रहे हैं। इस समस्या को लेकर तीमारदार कई बार अस्पताल प्रबंधन को भी अवगत करवा चुके हैं। हैरानी इस बात की है कि प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

इसकी वजह से अस्पताल में स्ट्रेचर सामान ढोने तक ही सीमित हो गए हैं। मरीजों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि सरकार और विभाग स्ट्रेचरों को मरीजों की सुविधा के लिए खरीदती है। मगर चंबा अस्पताल में इसके विपरीत की स्ट्रेचरों पर सामान ढोने का काम किया जा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से मांग की है कि स्ट्रेचरों पर सामान ढोने की व्यवस्था बंद की जाए। मेडिकल कॉलेज चंबा में एक दर्जन के स्ट्रेचर उपलब्ध है। बावजूद इसके अस्पताल के धरातल पर मात्र एक या दो स्ट्रेचर ही देखने को मिलते हैं। रोजाना मेडिकल कॉलेज में 1200 के करीब ओपीडी है और दो दर्जन मरीज रोजाना विभिन्न वार्डो में भर्ती किए जाते हैं।
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मामले की जाएगी गंभीरता से जांच : डॉ . प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनिल ओहरी ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला नहीं है। अगर ऐसा हो रहा है तो इसकी पूरी जांच होगी। स्ट्रेचर मरीजों की सुविधा के लिए हैं। सामान ढोने के लिए इनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

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