चंबा। भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर बग्गा के पास चट्टानें व मलबा गिरने के 13 दिन बाद भी यातायात के लिए पूरी तरह से सुचारु नहीं हो पाया है। राष्ट्रीय उच्च मार्ग के चंबा मंडल द्वारा पहले ही उक्त एरिया उसके अधीन न होने की बात कहते हुए मार्ग को सुचारु करने को लेकर अपने हाथ खींच लिए हैं। ऐसे में अब एनएचपीसी प्रबंधन भी मार्ग को यातायात के लिए सुचारु करवाने का प्रयास कर रहा है। बहरहाल, भरमौर-पठानकोट मार्ग के 13 दिनों से बंद होने का खामियाजा एचआरटीसी चंबा डिपो प्रबंधन और कबायली क्षेत्र भरमौर के लोगों को ही उठाना पड़ रहा है।
गौरतलब हो कि भारी बारिश के चलते भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर बग्गा के पास भारी भरकम चट्टानें गिरने और मलबा गिरने से यातायात के लिए बाधित पड़ा हुआ है। मार्ग के यातायात के लिए बंद होने की सूरत में कबायली क्षेत्र भरमौर में कई दिनों तक दैनिक उपयोग की वस्तुएं जैसे दूध, अंडा, ब्रेड, मक्खन और अखबार तक नहीं पहुंच सकी। वहीं, भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग के मंडल चंबा द्वारा बग्गा के पास के परिक्षेत्र एनएचपीसी प्रबंधन के अधीन होने की बात कहते हुए ये कार्य एनएचपीसी प्रबंधन द्वारा ही कहे जाने की बात कही गई है। सूत्र खुलासा करते हैं कि बीते दिनों छोटी गाड़ियों की आवाजाही के लिए मार्ग को खोला गया। लेकिन बड़ा गाड़ियां नहीं जा रही हैं। कबायली क्षेत्र भरमौर में एचआरटीसी प्रबंधन की 11 बसों सहित अन्य लोग भी फंसे हैं। बहरहाल, लोगों की सहूलियत को देखते हुए एचआरटीसी प्रबंधन द्वारा बसों की अदला-बदली करने की सहूलियत भी की गई है। लेकिन, 11 बसों के भरमौर में फंसे होने से एचआरटीसी को भी भी नुकसान हो रहा है।
कबायली क्षेत्र भरमौर के बाशिंदों में हाकम चंद, राकेश शर्मा, विनोद ठाकुर, विकास ठाकुर, विजय कुमार, सुरेंद्र कुमार, विजय कुमार, कपल कुमार, दिनेश कुमार, संजय कुुमार ने बताया कि बग्गा के पास बाधित पड़े हुए मार्ग को बहाल करने में प्रशासन नाकामयाब हो गया है।
जिलाधीश चंबा हरिकेश मीणा ने बताया कि भरमौर-पठानकोट मार्ग को बग्गा के पास यातायात के लिए सुचारु करवाने बारे एनएचपीसी प्रबंधन को निर्देशित किया गया है। एनएचपीसी प्रबंधन भी अपने स्तर पर मार्ग को खोलने के लिए प्रयासरत है। बहरहाल, मार्ग को छोटी गाड़ियों के लिए खोला गया है।