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किशोर को स्क्रब टॉयफस, अस्पताल में भर्ती

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डॉक्टर - फोटो : amar ujala
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अमर उजाला ब्यूरो

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चंबा। जिले में इस साल का स्क्रब टायफस का पहला मामला सामने आया है। 12 वर्षीय किशोर में इसके लक्षण पाए गए हैं। उसे चंबा अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। यहां विशेषज्ञों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार यनूस (12) पुत्र हासमदीन निवासी गांव अकेरा डाकघर जडेरा को पांच दिन से सिर में तेज बुखार और सिर दर्द हो रहा था। इसको लेकर परिजनों ने उसे सिर दर्द की दवाई खिलाई। मगर दवाई खाने के बाद भी उसके सिर का दर्द कम नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उसे चंबा मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां पर शिशु रोग विशेषज्ञ ने उसकी हालत को देखते हुए अस्पताल में भर्ती कर लिया। इसके साथ ही स्क्रब टायफस की जांच को लेकर जरूरी टेस्ट लिखे। टेस्ट की रिपोर्ट में किशोर में स्क्रब टायफस के लक्षण पाए गए हैं। इसके बाद डॉक्टरों स्क्रब टायफस का उपचार शुरू कर दिया है। इससे अब अच्चे की हालत में काफी सुधार है। अस्पताल में किशोर का पांच दिन से इलाज चल रहा है। अब बच्चे के सिर का दर्द कम हो चुका है। डॉक्टरों के अनुसार दो या तीन दिन में बच्चे को अस्पताल से छुुट्टी कर दी जाएगी। वर्ष 2017 में मेडिकल कॉलेज चंबा में स्क्रब टायफस के चार मामले सामने आया थे।

ऐसे होता है स्क्रब टायफस
घास में पलने वाले पिस्सु के काटने से स्क्रब टायफस होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशियों के लिए घास काटते समय लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं। वहीं छोटे बच्चे खेलते हुए इस पिस्सु की चपेट में आते हैं। पिस्सु के काटने के बाद सिर में तेज दर्द और बुखार के साथ शरीर में जकड़न की शिकायत रहती है। चिकित्सकों के अनुसार ऐसे लक्षण होने पर मरीज को समय रहते उपचार करवाना चाहिए।
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स्क्रब टायफस से बचाव के तरीके
स्क्रब टायफस से बचने के लिए घर के आसपास साफ-सफाई रखनी चाहिए। गंदगी में भी स्क्रब टायफस फैलाने वाला पिस्सु के पनपने की अधिक संभावना रहती है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल महाजन ने बताया कि अस्पताल में स्क्रब टायफस से ग्रसित एक बच्चा भर्ती किया गया है। उसका उपचार चल रहा है। अब उसकी हालत में काफी सुधार है।

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