किहार (चंबा)। किहार क्षेत्र के कई गांव आज भी सड़क सुविधा से महरूम है। इस वजह से मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बावजूद इसके आजादी के सत्तर वर्षों के बाद क्षेत्र के कई गांव सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। यही वजह है कि क्षेत्र के लोगों को आज भी घर का जरूरी सामान तक सिर पर उठाकर घर पहुंचाना पड़ता है। पिछले कुछ महीनों में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिसमें गर्भवती महिलाओं को कई किलोमीटर पालकी पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया गया है। हालांकि गनीमत यह रही है कि सभी मामलों में जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि क्षेद्घ के गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाए। जानकारी अनुसार शुक्रवार को पूजा देवी पत्नी संजू को शाम के समय प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इस तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए ग्रामीणों ने पालकी तैयार की है। इसके बाद पालकी से पूजा को पांच किलोमीटर खराब रास्ते से सिविल अस्पताल किहार पहुंचाया गया। इसमें करीब ढाई घंटे का समय लग गया। यहां रात के समय पूजा ने बेटी को जन्म दिया। इसी तरह से किलोड़ पंचायत के गांव किलोड़ में संतोषी को सात किलोमीटर सफर तय कर अस्पताल पहुंचाया गया। बावजूद इसके प्रदेश सरकार ने इन गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। हालत यह है कि कई ग्रामीण आज भी कई सड़क सुविधा से कोसों दूर हैं। ग्राम पंचायत सूरी की प्रधान कमला शर्मा ने बताया कि सड़क के अभाव में यहां पालकी ही एक मात्र सहारा है। इससे बीमार्र और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाया जा रहा है। इन गांवों के लिए सड़क का निर्माण होना बेहद जरूरी है।
भगोता-जखराल में सड़क निर्माण को पूरी की जा रही औपचारिकताएं : पठानिया
लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता अरुण पठानिया का कहना है कि भगोता और जखराल के लिए सड़क निर्माण की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू करवाया जाएगा।