चंबा। सेहत के हिसाब से आजकल हर किसी को शूगर फ्री चीजें चाहिए। अगर सरकार चंबा जिले पर मेहरबान हो तो यह तमाम चीजें जिले की जनता को अपने गृह क्षेत्र में मिलेंगी। मक्की में स्टार्च की मात्रा अधिक होती है। इसमें पाए जाने वाले स्टार्च से शूगर फ्री खाद्य वस्तुएं तैयार हो सकती है। इसको लेकर जनमत निर्माण अभियान में लोगों ने सरकार से उचित कदम उठाने की मांग की है। चंबा की गिनती शीर्ष मक्की उत्पादक जिले के रूप में की जाती है। वर्ष 2015 के आंकड़ों के मुताबिक जिले के 27040 हेक्टेयर पर 63811 मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ है। मक्की की इतनी ज्यादा पैदावार होने के बावजूद दिक्कत बस यही है कि यहां पर मक्की पर आधारित कोई उद्योग नही है। बहरहाल, चंबा में मक्की पर आधारित कोई उद्योग लगना चाहिए। शनिवार को चंबा जनमत निर्माण अभियान के तहत चले हस्ताक्षर अभियान के दौरान मक्की की फसल मुख्य मुद्दा रहा। लामू निवासी अनिल, थुलेल निवासी राजीव, दिनेश कुमार, घनश्याम शर्मा, बृजेश, केहर सिंह और ललित ठाकुर ने बताया कि चंबा जिले में काफी ज्यादा मक्की पैदा होती है। दिक्कत यह है कि मक्की का सदुपयोग कैसे हो। इस बारे लोगों को जानकारी ही नहीं। यूं तो हर क्षेत्र की मक्की की अलग पहचान है। मगर साल घाटी और चुराह की मक्की को गुणवत्तायुक्त होती है। स्टार्च की इस मात्रा से हर तरह की खाद्य वस्तुओं को शूगर फ्री बनाया जा सकता है। बस इस मामले में शोध की आवश्यकता है।