चंबा। भाई-बहन के रिश्ते के पवित्र त्योहार रक्षा बंधन के मौके पर दिनेश की छोटी बहन राखी से उसका भाई सदा के लिए दूर चला गया है। हर वर्ष रक्षा बंधन के अवसर पर दिनेश की बहन उससे मनपसंद वस्तु उपहार के रूप में जोर जबरदस्ती कर लेती थी। भाई-बहन के इस अमोह प्रेम को देख उसके माता-पिता भी खुश होते थे। लेकिन, अब भाग्य की विडंबना यह है कि राखी प्यारे भाई की कलाई पर वह प्रेम का धागा बांध नहीं पाएगी।
बरौर पंचायत के डबोला निवासी भगवान सिंह की दो संतानें हैं। इन दो संतानों में उनका बड़ा बेटा दिनेश बिजलवान था तो उससे छोटी राखी उनकी बेटी है। दोनों भाई-बहनों में अमोह प्रेम है। घर में भाई-बहन आपस में हंसते-खेलते रहते थे। इसे देख माता-पिता भी खुश हुआ करते थे। हर वर्ष की तरह की इस बार भी रक्षा बंधन के मौके पर राखी ने अपने भाई की कलाई पर राखी बांध कर मनचाही वस्तु उपहार में लेने की तमन्ना रखी थी। लेकिन, अब भाग्य की विडंबना यह है कि उसका प्यारा भाई सदा के लिए उससे दूर चला गया है। दो अगस्त को घर में सुबह का नाश्ता कर दिनेश राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरौर में परीक्षा देने के लिए निकला था। इसके बाद वह कभी लौट कर नहीं घर नहीं पहुंचा। रविवार दोपहर बाद गांव से सौ मीटर दूर बरौर नाले के पास दिनेश का शव पेड़ से लटका मिलने की सूचना के बाद उसकी बहन भी अपनी सुध-बुध खो बैठी है। उसे यह भरोसा नहीं हो रहा है कि सोमवार को जिस भाई की कलाई पर उसने राखी बांधनी थी, अब वह सदा के लिए उससे दूर चला गया है।