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चंबा मेडिकल कॉलेज में संदिग्ध शवों के नहीं होते पोस्ट मार्टम

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चंबा। स्थानीय मेडिकल कॉलेज में संदिग्ध शवों के पोस्टमार्टम नहीं हो पा रहे हैं। कॉलेज में फोरेंसिक एक्सपर्ट तैनात हैं लेकिन उन्हें संदिग्ध शवों का पोस्टमार्टम करने की अनुमति नहीं है। मेडिकल कॉलेज में शवों के पोस्टमार्टम के लिए लैब सहित जरूरी उपकरणों की व्यवस्था नहीं है। इसके चलते सरकार ने अभी तक चंबा मेडिकल कॉलेज में ऐसे शवों का पोस्टमार्टम करने की अनुमति प्रदान नहीं की है। सरकार की अनुमति मिलने के बाद ही चंबा कॉलेज में पोस्टमार्टम शुरू हो पाएंगे। संदिग्ध मौतों की जांच के लिए शवों को पोस्टमार्टम के लिए टांडा भेजा जाता है। इसके चलते पुलिस कार्रवाई में भी समय लग जाता है। पुलिस को शव को पोस्टमार्टम के लिए टांडा पहुंचाना पड़ता है। इसके बाद उसकी रिपोर्ट आने का लंबा इंतजार करना पड़ता है। रिपोर्ट आने में 15 से 20 दिन का समय लग जाता है। रिपोर्ट आने पर ही पुलिस आगामी कार्रवाई शुरू कर पाती है। अगर चंबा मेडिकल कॉलेज में संदिग्ध शवों के पोस्टमार्टम की सुविधा शुरू होती है तो पुलिस कार्रवाई में भी तेजी आएगी। पोस्टमार्टम नहीं होने से मृतक के परिजन अक्सर अस्पताल में झगड़ा करते हैं। कई बार नौबत मारपीट तक पहुंच जाती है।
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चंबा मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनिल ओहरी ने बताया कि स्वास्थ्य सचिव और सरकार से इस बारे में उनकी बातचीत हो चुकी है। जल्द चंबा मेडिकल कॉलेज में शवों के पोस्टमार्टम की सुविधा शुरू होगी। पोस्टमार्टम के लिए लैब बनाने का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
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