धौलरा में आयोजित शरदोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में झूमते श्रद्धालु। संवाद
शरदोत्सव में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में झूमे श्रद्धालु
मां जालपा म्युजिकल ग्रुप डियारा के कलाकारों ने दी प्रस्तुति
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। धौलरा मंदिर में चल रहे शरदोत्सव में तीसरे दिन मां दुर्गा के चंद्रघंटा रूप की पूजा की गई। मंदिर में उपस्थित भक्तजनों ने शिमला से आए पुजारी सुधांशु शेखर भट्टाचार्य जी महाराज के सानिध्य में विधिवत मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप की पूजा की। इस संध्याकालीन आरती में जिला एवं सत्र न्यायाधीय चिराग भानु सिंह ने पत्नी सहित मां के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा की।
इस अवसर पर दुर्गा पूजा समिति की संस्थापिका डॉ. मल्लिका नड्डा ने बताया कि मां चंद्रघंटा की कृपा से साधक के जीवन में आने वाले समस्त पाप और बाधाएं नष्ट हो जाती हैं। माना जाता है कि इस रूप का उपासक पराक्रमी और निर्भय हो जाता है। इनके घंटे की ध्वनि सदा अपने भक्तों को प्रेतबाधा से रक्षा करती है। देवी चंद्रघंटा की आराधना से साधक में वीरता और निर्भयता के साथ ही सौम्यता और विनम्रता का विकास होता है। साधक माता के इस रूप की उपासना करने के लिए मणिपुर चक्र पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं। इससे साधक को अलौकिक वस्तुओं के दर्शन व दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है। वहीं शरदोत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या पर मां जालपा म्युजिकल ग्रुप डियारा के कलाकारों ने भक्ति के रंग बिखेरे। यिका मोना शर्मा व गायक अजय ठाकुर ने मेहरां वाली माईए बुए मंदरां दे खोल, नीलां मईया दा दरबार व नाहर सिंघा सरदारा बजिया नाहर सिंघा जैसे भजन सुनाए। उनके साथ पौणाहारी बैंड शाहतलाई ने संगत की। इस अवसर पर मोहित सांख्यान, राम पाल, जस्सी, अश्विनी शर्मा, प्रमोद बिट्टू, राजेंद्र, पार्षद संतोष जोशी और अमरनाथ शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।