गांवों में विकास और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार
125 दिन रोजगार, 318 प्रकार के विकास कार्यों पर फोकस
300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी के साथ 125 दिन रोजगार देने का प्रावधान
जल संरक्षण, आधारभूत ढांचे, आजीविका और आपदा प्रबंधन से जुड़े 318 कार्य होंगे शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और रोजगार के अवसरों को नई गति देने के उद्देश्य से जिला विकास कार्यालय बिलासपुर में वीरवार से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) योजना पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई।
कार्यशाला में जिले के सभी विकास खंडों से आए पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान योजना के उद्देश्यों, पात्रता, कार्यों के चयन, निगरानी व्यवस्था और जमीनी स्तर पर इसके संचालन की विस्तृत जानकारी दी गई। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी यशपाल सिंह परमार ने बताया कि वीबी-जी रामजी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जो विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि योजना के तहत गांवों में मूलभूत सुविधाओं की 100 प्रतिशत संतृप्ति हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पात्र परिवारों तक विकास योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंच सके। योजना के अंतर्गत 318 प्रकार के विकास कार्य किए जा सकेंगे, जिन्हें चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें जल संरक्षण एवं संवर्धन, ग्रामीण आधारभूत संरचना का विकास, आजीविका बढ़ाने वाले कार्य तथा प्राकृतिक आपदाओं से बचाव और जोखिम कम करने से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन कार्यों के माध्यम से गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण करने के साथ लोगों की आय बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
परमार ने बताया कि योजना के तहत पात्र परिवारों को 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी के साथ 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। रोजगार के लिए आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराने की गारंटी भी योजना में दी गई है। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि कृषि, आधारभूत ढांचे और आजीविका के क्षेत्र में शत-प्रतिशत संतृप्ति हासिल कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है। योजना के सफल क्रियान्वयन में ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही डाटा आधारित निगरानी प्रणाली, ऑनलाइन डैशबोर्ड और फील्ड वेरिफिकेशन के माध्यम से कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। प्रत्येक माह निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा कर प्रगति का आकलन किया जाएगा। जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड स्टाफ के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर समयबद्ध ढंग से लक्ष्यों को पूरा करें, ताकि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। कार्यशाला में जिले के सभी खंड विकास अधिकारी, एसईबीपीओ, सीओ, कनिष्ठ अभियंता तथा पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।