वेतन भुगतान न होने से भड़के मजदूरों ने की जमकर नारेबाजी
समय पर भुगतान न होने के कारण बिगड़ गई है आर्थिक स्थिति
कंपनी प्रबंधन को एक लिखित ज्ञापन भी सौंपकर तीन दिन में भुगतान की मांग
चेताया, भुगतान नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर करेंगे आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट(बिलासपुर)। उपमंडल स्वारघाट के तहत मैहला के समीप मैक्स इंफ्रा कंपनी के गेट पर सोमवार को रेलवे परियोजना में कार्यरत मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। यह धरना सीटू की अगुवाई में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मजदूरों ने भाग लिया और रेलवे विकास निगम लिमिटेड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरने के दौरान मजदूरों ने आरोप लगाया कि वे रेलवे विकास निगम लिमिटेड के अधीन चल रही रेल परियोजना में लंबे समय से कार्यरत हैं, लेकिन कई दिनों से उन्हें उनकी मेहनत की पूरी मजदूरी नहीं दी जा रही है। समय पर भुगतान न होने के कारण मजदूरों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों का कहना है कि वे बार-बार संबंधित अधिकारियों से मजदूरी भुगतान की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। मजदूरों ने बताया कि वे रोजाना कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें समय पर मेहनताना नहीं मिल रहा, जिससे घर का खर्च चलाना, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। मजदूरों का कहना है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो उनके सामने भुखमरी जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। इस दौरान हिमाचल भवन एवं सड़क निर्माण मजदूर यूनियन की ओर से कंपनी प्रबंधन को एक लिखित ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि आगामी दो से तीन दिनों के भीतर मजदूरों की बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया, तो यूनियन आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होगी। यूनियन ने गेट मीटिंग, कार्यस्थल पर धरना और काम बंद जैसे कदम उठाने की बात कही है।
वहीं मैक्स इंफ्रा कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक रेलवे विकास निगम लिमिटेड की ओर से कंपनी को भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। अधिकारियों ने दावा किया कि जैसे ही रेलवे विकास निगम से राशि जारी होगी, मजदूरों का वेतन तत्काल दे दिया जाएगा। धरना प्रदर्शन के दौरान सीटू नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मजदूरों का शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी रेलवे विकास निगम लिमिटेड और संबंधित कंपनी प्रबंधन की होगी। धरने में सीटू जिला अध्यक्ष लखनपाल शर्मा, यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह, सचिव अमृत लाल, प्रदीप कुमार, रविन्द्र कुमार, विजय शर्मा सहित सैकड़ों मजदूर मौजूद रहे।