-बोले, कांग्रेस ने अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए हमेशा की वोट बैंक की राजनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर के विधायक त्रिलोक जमवाल ने अनुसूचित जाति बहुल बस्तियों में एससी कंपोनेंट के तहत सोलर लाइटों के लिए स्वीकृत पैसे को वापस लेने पर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में इन बस्तियों में सोलर लाइटें लगाने के लिए 5 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। प्रदेश सरकार ने इसमें से 2 करोड़ रुपये जारी किए थे, लेकिन चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले यह पैसा भी वापस ले लिया गया।
उन्होंने कहा कि इससे खुद को अनुसूचित जाति वर्ग का हितैषी होने का राग अलापने वाली कांग्रेस का असली चेहरा बेनकाब हुआ है। इसका खामियाजा उसे चुनाव में भुगतना पड़ेगा। विधायक जमवाल ने कहा कि कांग्रेस ने अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए हमेशा वोट बैंक की राजनीति की है। वह अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग का हितैषी होने का दिखावा करती है, लेकिन वास्तव में यह वर्ग उसके लिए केवल वोट बैंक ही है। बिलासपुर में अनुसूचित जाति बहुल बस्तियों में एससी कंपोनेंट के तहत सोलर लाइटें लगाने के लिए भेजा गया पैसा वापस लेना इसका ताजा प्रमाण है। इन बस्तियों में सोलर लाइटें लगाने के लिए 5 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। प्रदेश सरकार ने इसमें से 2 करोड़ रुपये जारी भी कर दिए थे, लेकिन चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले यह पैसा भी वापस ले लिया गया। जमवाल ने कहा कि झूठी गारंटियों से लोगों को गुमराह करके सत्ता हासिल करने वाली कांग्रेस एक हाथ से देकर दूसरे हाथ से चुपचाप वापस ले लेने में भी माहिर है। सोलर लाइटों के लिए भेजा गया पैसा वापस लेने से अनुसूचित जाति वर्ग के लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।