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तलाई सभा घोटाले में कार्रवाई न की तो हाईकोर्ट जाएंगे : समिति

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तलाई में आयोजित संघर्ष समिति की बैठक में मौजूद सदस्य। स्रोत: समिति
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संघर्ष समिति की बैठक में धीमी जांच पर जताई नाराजगी
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हर साल ऑडिट के बावजूद करोड़ों का घोटाला सामने आने पर आश्चर्य
विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप
40 करोड़ के घोटाले में अब तक नहीं हुई ठोस कार्रवाई
3500 खाताधारक प्रभावित, जमा पूंजी वापस पाने में हो रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई/बरठीं (बिलासपुर)। तलाई सहकारी सभा सीमित के खाताधारकों की संघर्ष समिति की बैठक प्रधान सूबेदार भजन लाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने घोटाले की धीमी जांच तथा विभागीय लापरवाही पर गहरा रोष व्यक्त किया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि सरकार और सहकारिता विभाग कार्रवाई में गंभीरता नहीं दिखाते, तो संघर्ष समिति उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेगी। पदाधिकारियों ने आश्चर्य व्यक्त किया कि तलाई सहकारी सभा का हर वर्ष ऑडिट सहकारिता विभाग के ऑडिटरों द्वारा होता रहा है, इसके बावजूद करोड़ों रुपये का घोटाला कैसे हो गया, यह बड़ा सवाल है।
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बैठक में बताया कि सहकारिता दिवस जैसे आयोजनों में विभागीय अधिकारी स्वयं लोगों को अधिक धन जमा करवाने के लिए प्रेरित करते थे, लेकिन घोटाला सामने आने के बाद खाताधारकों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया। समिति के अनुसार तलाई सहकारी सभा सीमित में करीब 34 करोड़ का घोटाला वर्ष 2018 में सामने आया था, जो बाद में 40 करोड़ तक पहुंच गया। सहकारी विभाग ने 16 मार्च 2019 को तलाई थाना में इसकी एफआईआर दर्ज करवाई, लेकिन अब तक पुलिस कार्रवाई का कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। खाताधारकों को पुलिस जांच की स्थिति की भी कोई जानकारी नहीं दी गई।
समिति ने बताया कि मामला बाद में ईडी शिमला को सौंपा गया, और खाताधारकों को उम्मीद थी कि जांच तेज होगी। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस घोटाले से लगभग 3500 से अधिक खाताधारक प्रभावित हैं।
संघर्ष समिति के प्रधान सूबेदार भजन लाल और जसवंत सिंह बनियाल ने कहा कि करोड़ों रुपये सहकारिता विभाग की देखरेख में जमा हुए, लेकिन अब विभाग और सरकार पूरी तरह मौन हैं। खाताधारकों को अपनी मेहनत की जमा पूंजी वापस लेने के लिए भटकना पड़ रहा है, जबकि तलाई सभा के पास हजारों शेयर धारकों और करीब डेढ़ दर्जन अन्य सहकारी सभाओं की करोड़ों की जमा राशि है, जो सहकारिता नियमों के विरुद्ध है।
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संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान तथा पूर्व प्रदेश सरकारों के मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और विधायकों को कई बार ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन खाताधारकों की जमा राशि वापस दिलाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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