बिलासपुर कॉलेज में आयोजित युवा महोत्सव ग्रुप-4 में प्रस्तुति देते हुए विद्यार्थी। संवाद
चुवाड़ी, फागली महाविद्यालय की एकांकी ने मोहा दर्शकों का मन
बिलासपुर कॉलेज में हुआ युवा महोत्सव ग्रुप-4 का दूसरा दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय युवा महोत्सव ग्रुप-4 (थियेटर) के दूसरे दिन नाटक की प्रस्तुति दी गई। युवा महोत्सव का आयोजन 30 नवंबर तक बहुउद्देशीय सांस्कृतिक परिसर में किया जाएगा।
समारोह में गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर बिलासपुर महाविद्यालय से सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. बृजबाला सांख्यान ने शिरकत की। समारोह में पहली प्रस्तुति राजकीय महाविद्यालय बरोटीवाला ने आत्म प्रपांतरण की दी। दूसरी प्रस्तुति राजकीय महाविद्यालय चुवाड़ी के नाम रही, जिसमें आज के ज्वलंत मुद्दे को दर्शाया गया। आज की युवा पीढ़ी किस तरह अपने माता-पिता को बोझ समझती है और वृद्धाश्रम में उन्हें रहने को विवश करते हैं। नाटक के बीच के शब्द हम सब पेड़ हैं सूख रहे हैं तो क्या काट दिए जाएं ने गहरा प्रभाव छोड़ा। नाटक को बहुत ही प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर लोगों की आंखें नम हो गई। तीसरी प्रस्तुति राजकीय संस्कृत कॉलेज फागली के नाम रही जिसने कालिदास रचित अभिज्ञान शाकुंतलम् को पर्दे पर जीवित कर दिया। उनका स्टेज सेट अप हो या संगीत या नृत्य सभी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राजकीय महाविद्यालय संजौली की प्रस्तुति एक शेक्सपियर के नाटक पर केंद्रित थी, जिसमें एक सत्ता का भूखा व्यक्ति किस प्रकार सब कुछ तहस नहस कर देता है उसको बहुत ही प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया। राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला ने उरूभंगम की प्रस्तुति दी। यह नाटक महाभारत के अंतिम चरण में दुर्योधन के चरित्र पर केंद्रित था। पोस्ट लंच सेशन में गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर सेवानिवृत्त प्रोफेसर (इंग्लिश विभाग) डॉ. कश्मीर सिंह कश्यप ने शिरकत की। लंच के बाद राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर ने बाकी इतिहास की प्रस्तुति दी। बंगला रंगमंच के प्रख्यात नाटककार बादल सरकार द्वारा लिखित नाटक बाकी इतिहास आधुनिक भारतीय नाट्य साहित्य की एक महत्वपूर्ण कृति है। बादल सरकार अपने थर्ड थियेटर के माध्यम से समाज और व्यक्ति के रिश्ते को नए ढंग से व्याख्यायित करते हैं और बाकी इतिहास उसी वैचारिक धारा का एक सशक्त उदाहरण है। यह नाटक मानव जीवन की जटिलताओं, सामाजिक विसंगतियों और व्यक्ति के भीतर उठने वाले नैतिक प्रश्नों को तीखी सादगी के साथ सामने लाता है। इसके बाद राजकीय महाविद्यालय रामपुर बुशहर, राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर, राजकीय महाविद्यालय सोलन और पीजी सेंटर शिमला की प्रस्तुति हुई।
बिलासपुर कॉलेज में आयोजित युवा महोत्सव ग्रुप-4 में प्रस्तुति देते हुए विद्यार्थी। संवाद