बीमारियों को न्यौता दे रही गंदी नालियों से होकर गुजर रही पेयजल पाइपों को हटाना पड़ेगा। निजी पेयजल लाइनें अब स्वच्छ क्षेत्र से ही गुजारी जाएगी। जल जनित रोगों को लेकर अलर्ट आईपीएच विभाग ने ऐसे निजी कनेक्शनों को बदलने की तैयारी कर ली है। इसके लिए बाकायदा कुछ निजी कनेक्शन धारकों को चिन्हित कर नोटिस भी दिए जाएंगे। इसके लिए विभाग से संबंधित क्षेत्रों के कनिष्ठ अभियंताओं को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
बिलासपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आईपीएच विभाग की ओर से लोगों को दिए गए पानी के कनेक्शन निकास नालियों के बीच से गुजर रहे हैं। कई स्थानों पर तो निकास नालियां पेयजल लाइनों से ही भर गई है। इससे न केवल निकास नालियों की सफाई करनी मुश्किल है, बल्कि लोगों के घरों तक पहुंचने वाली इन निजी पेयजल लाइनों का पानी भी दूषित होने का खतरा है। लिहाजा, जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए विभाग ने यह कदम उठाया है।
गंदी नालियों से गुजर रही पेयजल लाइनों से पानी दूषित होने का खतरा बना रहता है। आईपीएच विभाग के अधिकारियों की मानें तो जब पेयजल लाइन में पानी बंद होता है तो पाइप खाली होने पर उसमें निकास नाली का गंदा पानी ज्वाइंट के माध्यम से जा सकता है। इससे वैक्टीरिया को भी अपनी ओर ज्वाइंट के माध्यम से खींच सकती है जो जल जनित रोगों का कारण बन सकती है।
क्या कहते हैं अधिकारी
आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता एसके शर्मा ने बताया कि निकास नालियों से होकर गुजर रही पेयजल लाइनों को बदलने के लिए कहा गया है। हालांकि विभाग की मेन लाइन निकास नालियों से नहीं गुजर रही, लेकिन कई स्थानों पर निजी कनेक्शन की पाइपें निकास नालियों में है। इसे बदलने के लिए उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं। इस बारे में अधीनस्थ अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं।