उपमंडल घुमारवीं के अंतर्गत मोरसिंघी पंचायत में जल संकट गहरा गया है। पिछले कई दिनों से लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है।
कंपकंपाती ठंड में लोग पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह अधिकारियों का घेराव करेंगे। लोगों के अनुसार इलाके के लिए बनी सिंचाई योजना बंद पड़ी है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मोरसिंघी, मंडघयाणा, भटोली के ग्रामीण रणीया राम, मस्त राम, पुरुषोत्तम सिंह, माली राम, दलीप सिंह और बिक्का राम ने बताया कि इलाके में लोगों ने बरसात के पानी को एकत्रित करने के लिए वर्षा जल संग्रहण टैंक भी बनाए हैं।
लेकिन, इन टैंकों के पानी का इस्तेमाल सिंचाई के लिए किया जा रहा है। इससे लोगों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा। ग्राम पंचायत मोरसिंघी के प्रधान जगदीश ठाकुर ने लोगों से आग्रह किया कि वह जरूरत के अनुसार ही पानी का उपयोग करें। ताकि अन्य लोगों को भी सुचारु रूप से पीने का पानी उपलब्ध हो सके।
उन्होंने विभाग से भी मांग की है कि वह ऐसे लोगों के घरों के पानी के नमूने लेकर जांच करें। पता करें कि पानी बरसात का है या नल से भरा गया है। ऐसे लोगों के खिलाफ विभागीय कार्यवाई भी अमल में लाई जाए।
उन्होंने बताया कि सिंचाई योजना बछड़ी मस्धान करीब 6 माह से बंद पड़ी है। इसके चलते लोगों की फसल खराब हो रही है। वहीं, लोग जहां-तहां से पानी का जुगाड़ कर सिंचाई करने को मजबूर हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विभाग ने एक सप्ताह कि भीतर लोगों की पीने के पानी की समस्या और बंद पड़ी सिंचाई योजना को शुरू नहीं किया तो वह ग्रामीणों को साथ लेकर विभाग के अधिकारियों का घेराव करने को मजबूर हो जाएंगे।
उधर, आईपीएच अधिशासी अभियंता देव राज शर्मा ने बताया कि यदि कहीं पर समस्या है तो जल्द उसका समाधान किया जाएगा।