उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते ग्राम पंचायत गेहड़वीं प्रतिनिधि व ग्रामीण। स्रोत: जागरूक पाठक
आठ पंचायतों की पेयजल आपूर्ति से जुड़ा है जलस्रोत, उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर की बाड़बंदी की मांग
असामाजिक गतिविधियों और हादसे की आशंका जताई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपमंडल झंडूता की ग्राम पंचायत गेहड़वीं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को पंचायत प्रधान निरंजना नड्डा के नेतृत्व में उपायुक्त बिलासपुर से मुलाकात कर रुक्मिणी कुंड की सुरक्षा के लिए बाड़बंदी करवाने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि जांगला पंचायत में स्थित यह प्राचीन एवं महत्वपूर्ण जलस्रोत वर्तमान में सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि रुक्मिणी कुंड जिले के प्रमुख अक्षय जल स्रोतों में से एक है और यहां से आसपास की आठ पंचायतों को पूर्ण एवं आंशिक रूप से पेयजल आपूर्ति की जाती है। गर्मी के मौसम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। आरोप है कि कुछ शरारती तत्व कुंड में तैराकी करने के साथ नशीले पदार्थों का सेवन और अन्य असामाजिक गतिविधियां भी करते हैं, जिससे इस धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल की गरिमा प्रभावित हो रही है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जल शक्ति विभाग की ओर से कुंड में लगाए गए सबमर्सिबल पंपों को भी कई बार नुकसान पहुंचाया गया है, जिसके कारण पेयजल आपूर्ति प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि कुंड में स्थापित सभी पंप विद्युत चालित हैं और चौबीसों घंटे संचालित रहते हैं। ऐसे में तैराकी करने वालों के साथ किसी भी समय हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने उपायुक्त से मांग की कि रुक्मिणी कुंड की पवित्रता, सुरक्षा और क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इसकी चारदीवारी अथवा बाड़बंदी करवाई जाए, ताकि असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके और किसी संभावित दुर्घटना से भी बचाव हो सके। इस अवसर पर पंचायत उप प्रधान अक्षय कुमार नड्डा, आचार्य सुभाष शर्मा, वार्ड सदस्य शर्मिला नड्डा, समाजसेवी अवतार सिंह चंदेल, प्रेमलाल नड्डा, कृषि वैज्ञानिक श्यामलाल वशिष्ट, सुरेश कुमार नड्डा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।