मुंडखर-पपलाह-खुंगण-मोहड़ा सड़क खराब होने से बुजुर्ग को पालकी पर ले जाते ग्रामीण। स्रोत: जागरूक
मुंडखर-पपलाह-खुंगण-मोहड़ा सड़क की हालत खस्ताहाल, तीन से चार गांवों की आबादी परेशान
दो बार धनराशि मंजूर होने के बावजूद नहीं सुधरे हालात
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में मुंडखर-पपलाह-खुंगण-मोहड़ा सड़क की बदहाली ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क की हालत इतनी खराब है कि गांव में किसी मरीज की तबीयत अचानक बिगड़ जाए तो परिजनों के सामने उसे अस्पताल पहुंचाने से पहले मुख्य सड़क तक लाने की चुनौती खड़ी हो जाती है। कई बार मरीजों को पालकी के सहारे सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
सड़क से तीन से चार गांव जुड़े हैं और यहां 500 से अधिक लोगों की आबादी है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण गंभीर मरीजों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। आपात स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मौके का निरीक्षण कर सड़क की स्थिति सुधारने की मांग की है। साथ ही दो बार स्वीकृत धनराशि के उपयोग और अब तक किए गए कार्य का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क के निर्माण और सुधार के लिए दो बार सरकारी धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद सड़क की हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। जगह-जगह सड़क उखड़ी हुई है और ऊबड़-खाबड़ रास्ते के कारण पैदल चलना भी मुश्किल है। बरसात में स्थिति और खराब हो जाती है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब सड़क सुधार के लिए धनराशि स्वीकृत हुई थी तो उसका लाभ धरातल पर क्यों नहीं दिखाई दे रहा। उन्होंने कहा कि यह सड़क महज आवाजाही का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने वाली जीवनरेखा है।
विभाग बोला- सड़क अभी विभाग के अधीन नहीं
लोक निर्माण विभाग भराड़ी के सहायक अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि मुंडखर-पपलाह-खुंगण-मोहड़ा सड़क अभी विभाग के अधीन नहीं है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत सड़कों की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए उपलब्ध धनराशि से जहां सड़क अधिक खराब है, वहां मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि बरसात के कारण काम शुरू करने में देरी हुई, लेकिन अब मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। सड़क के खराब हिस्सों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जा रहा है।