- पदयाण गांव में शनिवार को गरीब परिवार का जमींदोज हो गया था मकान
- तीन दिन में इकट्ठे किए 20 हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। अपने लिए तो सब जीते हैं, लेकिन मुसीबत के समय दूसरों का साथ देना ही असल में जीवन कहलाता है। ये बात सच साबित कर दिखाई भराड़ी उप तहसील की गाहर पंचायत के पदयाण गांव के लोगों ने।
इस गांव के लोगों ने आपसी भाईचारे की मिसाल कायम कर दी है। बीते शनिवार को गांव के एक व्यक्ति का पूरा मकान जमींदोज हो गया था। उस व्यक्ति का करीब दस लाख रुपये के नुकसान हुआ। ऐसे में इस परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा था। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले इस परिवार के साथ पूरा गांव खड़ा हो गया और ग्रामीणों ने इस परिवार की मदद करने का फैसला कर लिया। अब गांव के लोग आपस में मिलकर इस परिवार के लिए आर्थिक सहायता करने में जुट गए हैं। गांव के लोगों द्वारा बनाई गई ग्राम सुधार समिति ने फैसला लिया कि मुसीबत में इस परिवार की सहायता की जाएगी। सभा के प्रबुद्ध लोगों ने बैठक कर इस पूरे मामले में आपसी बातचीत की। इसके बाद गांव के सभी लोगों ने अपनी स्वेच्छा से इस परिवार की मदद करने का फैसला लिया। ग्राम सुधार समिति के प्रधान सेवानिवृत्त कैप्टन रमेश कुमार और उप प्रधान सुरेंद्र कुमार ने बताया कि गांव में किसी भी व्यक्ति की मदद करना गांव के लोगों का दायित्व है। इसी के तहत गांव के लोगों ने पीड़ित परिवार की मदद करने के लिए ग्राम सुधार समिति के पास स्वेच्छा से पैसे देना शुरू कर दिया है। आपदा के समय जहां एक दूसरे का सहारा बनाकर मुश्किलों से निकला जा सकता है, वहीं आम जनता का फर्ज भी एक दूसरे की मदद करने का बनता है। ग्राम सुधार समिति के पास महज तीन दिनों में 20 हजार रुपये की राशि इकट्ठी हो गई है। यह राशि गांव के लोगों ने ही जमा की है, ताकि पीड़ित परिवार की मदद हो सके।