-नव वर्ष मेले के लिए नौ सेक्टर में बांटा श्री नयना देवी जी क्षेत्र
-एसडीएम मेला अधिकारी, डीएसपी पुलिस मेला अधिकारी तैनात
-कानून व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए लगाया जाएगा सेक्टर मजिस्ट्रेट
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। श्री नयना देवी जी नव वर्ष मेला-2024 के आयोजन को सुचारू एवं सुरक्षित बनाने के लिए एडीसी डॉक्टर निधि पटेल की अध्यक्षता में अधिकारियों के साथ बैठक हुई, जिसमें बताया कि नव वर्ष मेला 30 दिसंबर से 1 जनवरी 2025 तक आयोजित किया जाएगा। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाओं, कानून-व्यवस्था का प्राथमिकता से ख्याल रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि एसडीएम श्री नयना देवी जी को मेला अधिकारी, डीएसपी श्री नयना देवी जी को पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस संबंध में संबंधित आदेश पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर द्वारा जारी किए जाएंगे। मेले के दौरान पूरे क्षेत्र को नौ सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में कानून व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त होगा। इनमें एक से नौ तक सभी सेक्टर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक सेक्टर में पुलिस और होमगार्ड कर्मियों को तैनात किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा और यातायात नियंत्रण के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। पंजाब से बिना परमिट वाली गाड़ियों का हिमाचल प्रदेश में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। ट्रक, ट्रैक्टर और टेंपो जैसे वाहनों को कैंची मोड़, टोबा और भाखड़ा में ही रोकने के निर्देश दिए गए हैं। मेले के दौरान हर वाहन की कड़ी चेकिंग की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टाला जा सके।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से टोबा सीमा, घवांडल सीमा और रोपवे क्षेत्र में पुलिस कर्मियों की विशेष तैनाती की जाएगी। मंदिर परिसर, बस अड्डा और सीढ़ियों के पास वॉकी-टॉकी से लैस पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। नव वर्ष मेले के दौरान पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि किसी भी वाहन या व्यक्ति के पास पटाखे या कोई संदिग्ध वस्तु पाई जाती है, तो उसे तुरंत जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा को और बढ़ाने के लिए सभी प्रमुख स्थानों पर पंजाबी और हिन्दी में साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वह स्थानीय कार पार्किंग ठेकेदारों और मालिकों के साथ बैठक आयोजित करें। बैठक में यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालुओं से निर्धारित शुल्क से अधिक पार्किंग शुल्क न लिया जाए। इसके अतिरिक्त बैठक में ठहरने, खाद्य पदार्थों, स्वास्थ्य सेवाओं, सफाई व्यवस्था, लंगर व्यवस्था पेयजल, बिजली की व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा अन्य विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।