ग्राम पंचायत छंदोंह के कार्यालय के बाहर प्रधान का इंतजार करते वार्ड सदस्य व ग्रामीण। स्रोत: जाग
दो गांवों में अलग-अलग दिलाई गई वार्ड सदस्यों को शपथ
पंचायत कार्यालय के स्थान को लेकर प्रधान और वार्ड सदस्यों में विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं की नवगठित छंदोह ग्राम पंचायत, जो निर्विरोध चुनाव के चलते क्षेत्र में एकता और भाईचारे की मिसाल बनकर उभरी थी, शपथ ग्रहण के पहले ही दिन विवादों में घिर गई। पंचायत कार्यालय के स्थान को लेकर प्रधान और वार्ड सदस्यों के बीच मतभेद इतना बढ़ गया कि शपथ ग्रहण समारोह एक ही पंचायत के दो अलग-अलग गांव छंदोह और पनियाली में आयोजित करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार विभाग ने पंचायत कार्यालय छंदोह गांव में संचालित करने की अनुमति दी है। यहां एक स्थानीय व्यक्ति ने पंचायत कार्यालय के लिए अपने दो कमरे निशुल्क उपलब्ध कराए हैं, जबकि पंचायत भवन निर्माण के लिए करीब 10 बिस्वा भूमि भी दान की गई है। शनिवार सुबह निर्धारित समय पर उप प्रधान और कुछ नवनिर्वाचित वार्ड सदस्य छंदोह स्थित पंचायत कार्यालय पहुंच गए, लेकिन पंचायत प्रधान वहां नहीं पहुंचे। संपर्क करने पर प्रधान ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह पनियाली गांव में होगा। इस पर वार्ड सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जब पंचायत कार्यालय छंदोह में स्वीकृत है तो शपथ ग्रहण भी वहीं होना चाहिए।
सुबह से दोपहर तक चली खींचतान के बाद भी सहमति नहीं बन सकी। आखिरकार समझौते के तहत छंदोह में मौजूद दो वार्ड सदस्यों को वहीं शपथ दिलाई गई, जबकि तीन अन्य वार्ड सदस्यों ने पनियाली में शपथ ली। इस तरह एक ही पंचायत का शपथ ग्रहण समारोह दो स्थानों पर संपन्न हुआ, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। इस दौरान पंचायत प्रधान से संपर्क करने के कई प्रयास किए गए, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद रहा। वहीं उप प्रधान बलजीत कश्यप ने स्वीकार किया कि शपथ ग्रहण स्थल को लेकर विवाद हुआ था, जिसके चलते दो अलग-अलग स्थानों पर शपथ ग्रहण कराकर मामला शांत कराया गया। निर्विरोध चुनाव के बाद एकजुटता का संदेश देने वाली पंचायत में पहले ही दिन सामने आए इस विवाद ने पंचायत की भविष्य की कार्यप्रणाली और विकास कार्यों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।