जिला समन्वय समिति की बैठक में उपायुक्त ने विभागों को व्यापक नागरिक हित वाले सुधार प्रस्ताव तैयार करने के दिए निर्देश
अनावश्यक दस्तावेज, दोहराव, देरी वाली प्रक्रियाओं की होगी पहचान, डिजिटल माध्यमों से सेवाओं को बनाया जाएगा सरल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सरकारी सेवाओं को आम लोगों के लिए सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए जिले में सुधारों की कवायद शुरू हो गई है। रिफॉर्म उत्सव के तहत बचत भवन में जिला समन्वय समिति की पहली बैठक उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में हुई। इसमें विभिन्न विभागों की नागरिक केंद्रित सेवाओं और सरकारी प्रक्रियाओं में सुधार को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की गई।
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि रिफॉर्म उत्सव का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत शिकायतों का समाधान करना नहीं, बल्कि ऐसी प्रक्रियागत और प्रणालीगत दिक्कतों को दूर करना है, जिनसे बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने अधिकारियों को अपने विभागों में ऐसी प्रक्रियाओं और नियमों की पहचान करने के निर्देश दिए, जिनमें अनावश्यक औपचारिकताएं, बार-बार एक ही जानकारी देने, अतिरिक्त दस्तावेज जमा करवाने या काम में देरी जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
उन्होंने कहा कि किसी सरकारी सेवा के लिए नागरिक से वह जानकारी दोबारा नहीं मांगी जानी चाहिए, जो पहले से किसी अन्य विभाग के पास उपलब्ध है। इसके लिए विभागों के बीच बेहतर डेटा साझाकरण और समन्वय जरूरी है। इससे लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और सेवाओं की प्रक्रिया भी तेज होगी।
उपायुक्त ने डिजिटल माध्यमों और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे व्यावहारिक सुधार प्रस्ताव तैयार करने को कहा, जिनका लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके और जिन्हें जरूरत के अनुसार अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि सुधार का असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए और आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं लेने में कम से कम परेशानी हो। अधिकारियों से नागरिकों को उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के सुझाव भी मांगे गए। बैठक में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक एवं समिति के सदस्य सचिव मनोज कुमार समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
हर विभाग में नियुक्त होगा संपर्क अधिकारी
बैठक में विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने के लिए प्रत्येक विभाग से एक नोडल या संपर्क अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। इन अधिकारियों के नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर और ईमेल की जानकारी साझा की जाएगी, ताकि सुधारों से जुड़े मामलों पर तेजी से समन्वय हो सके।