ब्रह्मपुखर चौक पर स्थित ऐतिहासिक बरगद और पीपल के पेड़। संवाद
लोगों ने पेड़ों के ऐतिहासिक पेड़ों के संरक्षण की उठाई थी मांग
चौक पर स्थित मंदिर का निर्माण भी दूसरी जगह करेगी एनएचएआई
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। शिमला-मटौर फोरलेन के की जद में आए ब्रह्मपुखर चौक पर स्थित पुराने बरगद और पीपल के पेड़ को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा, जबकि दूसरे पीपल के पेड़ की टहनियां काटी गई हैं।
स्थानीय लोगों ने मांग उठाई थी कि इन पेड़ों को सुरक्षित रखा जाए। यह पेड़ ब्रह्मपुखर कस्बे की पहचान है। इनकी छांव में दशकों से ग्रामीण ही नहीं, बल्कि शिमला–मनाली की ओर जाने वाले सैलानी भी ठहरकर विश्राम करते रहे हैं। यही वजह है कि जब इनके कटने की बात सामने आई तो लोगों में गहरी नाराजगी और पीड़ा देखने को मिली। फोरलेन की जद में आए इन पेड़ों को बचाने की ग्रामीणों ने गुहार लोगों ने लगाई, जिसके बाद इन्हें बचाने की प्रशासन ने पहल की है। मुख्य चौक पर स्थित एक बरगद और पीपल के पेड़ को वहां से शिफ्ट किया जाएगा। वहीं दूसरे पीपल के पेड़ की टहनियां काटी जाएंगी और यह कटने से बच जाएगा। यहां पर एक रिटेनिंग वाल लगाई जाएगी। चौक पर जो मंदिर था उसे भी एनएचएआई दूसरी जगह बनाएगी, ताकि लोगों की आस्था को चोट न पहुंचे। विनायक घाट के पीपल व बरगद के पेड़ों को काटना ही पड़ा क्योंकि यह फोरलेन के बीच में आ रहे थे। एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह ने कहा कि लोगों की आस्था को ध्यान में रखते हुए जो संभव हुआ उसके अनुसार ब्रह्मपुखर के पीपल व बरगद के पेड़ वहां से शिफ्ट किए जा रहे हैं। वहीं एक पीपल के पेड़ की टहनियों को ही काटा जाएगा।