घंटों फंसे रहे यात्री, तीसरी बस से गंतव्य तक पहुंचाए गए लोग
दकड़ी चौक के पास पहली बस बंद, राहत के लिए भेजी दूसरी बस भी हुई खराब
संवाद न्यूज एजेंसी भगेड़ (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं में हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवा की खस्ताहाल स्थिति उस समय उजागर हो गई, जब एक ही रूट पर लगातार दो बसें खराब हो गईं। इस घटनाक्रम ने यात्रियों को घंटों परेशानी में डाल दिया और निगम की कार्यप्रणाली व बसों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
जानकारी के अनुसार, घुमारवीं बस स्टैंड से दोपहर 2:20 बजे दांडी दाबला, मोरसिंघी, बछड़ी, भटोली और मटियाल रूट के लिए रवाना हुई एचआरटीसी बस दकड़ी चौक के समीप पहुंचते ही अचानक तकनीकी खराबी के कारण बीच सड़क में बंद हो गई। बस के अचानक रुकने से यात्रियों में अफरातफरी मच गई और उन्हें मजबूरन सड़क किनारे उतरना पड़ा। बस में सवार बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को जरूरी काम से समय पर पहुंचना था, लेकिन बस खराब होने के कारण उनकी योजनाएं प्रभावित हो गईं। घटना की सूचना मिलने पर एचआरटीसी प्रबंधन ने तुरंत दूसरी बस मौके पर भेजी, लेकिन राहत की उम्मीद लिए बैठे यात्रियों को उस समय और झटका लगा जब दूसरी बस भी कुछ दूरी चलने के बाद तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। लगातार दो बसों के खराब होने से यात्रियों की परेशानी कई गुना बढ़ गई और निगम की व्यवस्था पर लोगों का भरोसा डगमगाने लगा। आखिरकार निगम को तीसरी बस भेजनी पड़ी, जिसके माध्यम से यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया। हालांकि तब तक यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा और उन्हें भारी असुविधा झेलनी पड़ी। बस में सवार यात्रियों में अनिल कुमार, अश्वनी कुमार, सरिता देवी, पुष्पा देवी, आरती देवी, राम पाल, संजय कुमार और प्रदीप कुमार सहित अन्य लोगों ने घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उनका कहना था कि बस स्टैंड से महज आधा से एक किलोमीटर की दूरी पर ही बस का खराब हो जाना बेहद चिंताजनक है।
यात्रियों ने कहा कि पहली बस खराब होने के बाद दूसरी बस भेजी गई, लेकिन उसके भी खराब हो जाने से स्थिति और गंभीर हो गई। उन्होंने कहा कि यदि समय पर तीसरी बस नहीं आती, तो उन्हें और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता। प्रदेश सरकार जहां बेहतर परिवहन सुविधाएं देने के दावे कर रही है, वहीं एचआरटीसी की जर्जर बसें इन दावों की पोल खोल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बसें पुरानी हो चुकी हैं और उनका नियमित रखरखाव नहीं हो रहा, जिससे आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। सरकार से मांग की है कि एचआरटीसी की बसों की स्थिति में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।